उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो

उत्तराखंड में हरेला वनों के साथ अब फलदार जंगल विकसित किए जाएंगे। यह पहल बंदरों और लंगूरों को जंगल में ही भोजन उपलब्ध कराकर मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में सहायक होगी। कुमाऊं और गढ़वाल के 27 वन डिवीजनों में 900 अनुभागों में इन जंगलों को आकार दिया जाएगा। अल्मोड़ा डिवीजन के रानीखेत में तीन-तीन हेक्टेयर में स्मार्ट फलदार वन विकसित किए जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय वन्यजीवों को लाभ मिलेगा।हरेला वन के साथ अब उत्तराखंड में फलदार जंगल अस्तित्व में आएंगे। मृदा व जल संरक्षण में मददगार पेड़ों के बीच जंगली व परंपरागत फलों के पेड़ जंगल की शोभा तो बढ़ाएंगे ही, पहाड़ में सिरदर्द बन चुके बंदर व लंगूरों को भरपेट भोजन भी उपलब्ध हो सकेगा।कुमाऊं व गढ़वाल में आरक्षित वन के 27 डिवीजन की 162 रेंज के 900 अनुभाग में तैयार मिश्रित हरेला वनों या आसपास के रिक्त वन भूमि पर फलदार जंगल आकार लेंगे। कुमाऊं में अल्मोड़ा डिवीजन से इसकी शुरुआत कर दी गई है। यहां रानीखेत समेत सभी छह रेंज में तीन-तीन हेक्टेयर में स्मार्ट फलदार वन (फूड फारेस्ट) विकिसत किए जा रहे हैं। खास बात कि चीड़ वृक्षों के बीच खाली भूभाग पर बहुपयोगी पौधे लगाने के सफल प्रयोग से उत्साहित वन विभाग चीड़ बहुल जंगल को नया स्वरूप देने जा रहा है।
ये है उद्देश्य
चौतरफा चुनौतियों वाले पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में मानव वन्यजीव टकराव के बीच बंदर व लंगूरों का उत्पात बड़ा सिरदर्द बन चुका है। मानवीय हस्तक्षेप व अनियोजित विकास से प्रभावित जंगलात में भोजन का अभाव ने बंदर लंगूरों को आबादी के बीच पहुंचा दिया है। वहीं नगर व कस्बों में जैविक कूड़ों के ढेरों ने भी इन वन्यजीवों की आदत बिगाड़ दी है। मगर वन विभाग की एक मुहिम बंदर व लंगूरों को वन क्षेत्रों में ही उलझाए रखने और फसलों को नुकसान से बचाने की दिशा में कारगर साबित होगा। बहुपयोगी पेड़ लगा विकसित किए जा रहे हरेला वनों की तर्ज पर उत्तराखंड में वनीकरण के साथ फलीकरण का फार्मूला अपना फलदार वन तैयार किए जा रहे हैं।
ये फलदार पौधे जमाएंगे जड़ें
मृदा, भूमि व जलसंरक्षण में सहायक बांज, देवदार, बुरांश, काफल, फल्याट आदि के पेड़ पौधों वाले हरेला वन के इर्दगिर्द चीड़ बहुल परंपरागत काठी अखरोट, बमौर, बीजू आड़ू, खुमानी परिवार के चुआरू, मेहल, तिमिल, बेडूं, दाड़िम, पांगर, घिंघारू, हिसालू आदि के पौधे लगाए जाएंगे।
चिलिानौला में डेंस स्मार्ट वन
नगर के चिलियानौला क्षेत्र में मिश्रित हरित पट्टी के साथ हरेला और अब फलदार वन का डेंस स्मार्ट वन मूर्तरूप ले रहा है। वन क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा के अनुसार यह भविष्य में माडल जंगल बनकर उभरेगा।
