उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। केदारनाथ के रावल ने ओंकारेश्वर मंदिर में घोषणा की कि 22 अप्रैल सुबह आठ बजे से श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।चारधाम यात्रा को लेकर बड़ी घोषणा की गई है। श्री केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यह घोषणा केदारनाथ रावल ने ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद की। तय कार्यक्रम के अनुसार 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे भगवान केदारनाथ के प्रथम दर्शन श्रद्धालुओं को प्राप्त होंगे।महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ के ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही भक्तों में उत्साह का माहौल है। प्रशासन और मंदिर समिति ने यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सकें।चारधाम यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों के आने की उम्मीद जताई जा रही है।
शीतकालीन यात्रा में भी तेजी
गौरतलब है कि उत्तराखंड में पिछले वर्ष से शुरू हुई शीतकालीन यात्रा में तेजी आयी है और चार धामों के कपाट बंद होने के बाद से 31 जनवरी तक उनके शीतकालीन प्रवास स्थलों पर 34,140 श्रद्धालु पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साल भर पहले शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में आए थे और अब वह तेजी से आगे बढ़ रही है।चारधाम तक रेल सेवा,चारधाम तक रेल संपर्क के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नामक एक नयी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी गई है। साथ ही गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ तक रेल संपर्क के विस्तार के लिए सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। हाल ही में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी साझा की थी। रेल मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में 40,384 करोड़ रुपये की लागत वाली 216 किलोमीटर की कुल लंबाई की तीन नई लाइन को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 16 किलोमीटर हिस्सा चालू हो गया है और मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है।वैष्णव ने कहा, ”चारधाम को रेल संपर्क प्रदान करने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नयी रेल लाइन परियोजना (125 किमी) को मंजूरी दे दी गई है।”
