उत्तराखंड डेली न्यूज़ :ब्योरो

गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल (कानपुर) के डॉक्टर वीके मिश्रा ने बताया है कि मल के रास्ते से खून आने को अक्सर ज़्यादातर लोग बावासीर समझते हैं लेकिन कई बार यही लक्षण साइलेंट कैंसर का भी संकेत होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दिखने पर कोलोरेक्टल (बॉवेल) कैंसर के खतरे को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए जो मलाशय को प्रभावित करता है।
