उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

एमडीडीए ने देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने जीडी गोयंका स्कूल बस स्टॉप के पास वीरू भंडारी और अन्य द्वारा बिना अनुमति काटे गए प्लाटों पर बुलडोजर चलाया। इस अभियान में करीब 10 बीघा भूमि को खाली कराया गया और आंतरिक रास्ते व बाउंड्री ध्वस्त की गईं। एमडीडीए उपाध्यक्ष ने अवैध विकास के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराई है।मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है।अब प्राधिकरण ने सेलाकुई क्षेत्र में चल रही अनियमित गतिविधियों पर सख्त कदम उठाते हुए बुलडोज़र चलाया और करीब 10 बीघा भूमि को खाली कराया। यह अभियान एमडीडीए की ‘ज़ीरो टालरेंस’ नीति के तहत चलाया गया है।जांच में सामने आया था कि वीरू भंडारी और कुछ अन्य व्यक्तियों ने जीडी गोयंका स्कूल बस स्टाप के निकट सेलाकुई क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति और प्राधिकरण की अनुमति के अवैध प्लाट काटे जा रहे हैं।शिकायत मिलने पर एमडीडीए ने पहले नोटिस जारी किया, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया का पालन न होने पर मौके पर कार्रवाई की गई।अभियान के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल और मनीष नौटियाल की टीम ने पुलिस बल के सहयोग से अवैध रूप से तैयार किए गए आंतरिक रास्तों, बाउंड्री मार्किंग और अन्य संरचनाओं को ध्वस्त किया।उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध विकास किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एमडीडीए क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति किसी भी प्रकार की प्लाटिंग या निर्माण अवैध है।उन्होंने बताया कि आज की कार्रवाई यह संदेश देने के लिए पर्याप्त है कि प्राधिकरण नियम उल्लंघन पर तुरंत और कठोर कदम उठाएगा। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भूमि खरीदने या निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से विधिवत अनुमति अवश्य ले लें।वहीं, सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी अवैध प्लाटिंग या निर्माण की शिकायत मिल रही है, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
