उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
दून में अवैध प्लाटिंग और अनियोजित विकास के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए गणेशपुर शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में करीब 20 से 30 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध रूप से बनाए गए प्लाटों के सीमांकन, रास्तों और अन्य संरचनाओं को तोड़ दिया।प्राधिकरण को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई जांच में पता चला कि क्षेत्र में बिना अनुमति बड़े पैमाने पर जमीन को छोटे-छोटे प्लाटों में विभाजित कर कालोनी विकसित की जा रही थी। जानकारी के अनुसार इंद्रजीत, अरुण पाल और विकास नामक व्यक्तियों द्वारा बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के भूमि विकास और प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही थी।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इस प्लाटिंग के लिए न तो प्राधिकरण से लेआउट स्वीकृत कराया गया था और न आवश्यक अनुमति ली गई थी। इसके बाद एमडीडीए ने नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को हटवा दिया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि देहरादून में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के बीच कई स्थानों पर बिना अनुमति कालोनियां विकसित करने के प्रयास सामने आ रहे हैं, जिससे शहर के सुनियोजित विकास पर असर पड़ता है।
बिल्डरों व कोलोनाइजरों को दी चेतावनी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कालोनियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी जमीन या प्लाट को खरीदने से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण से स्वीकृति की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। उन्होंने सभी बिल्डरों व कोलोनाइजरों को अवैध निर्माण व प्लाटिंग तत्काल बंद करने की चेतावनी दी है।
