उत्तराखंड डेली न्यूज़ :ब्योरो

कपड़े बदलकर ट्रेन से फरार होना, स्टेशन के मेन गेट से ना निकलकर आउटर के रास्ते बाहर जाना, मोबाइल जंगल में फेंकना, कार में लेटकर सीसीटीवी से बचना और नेपाल तक पहुंच जाना. लेकिन इन सबके बावजूद अर्चना तिवारी हर कदम पर वह ऐसे सुराग छोड़ती गईं कि पुलिस ने एक-एक कड़ी जोड़कर उसकी पूरी कहानी खोल दी. 12 दिन तक चली इस गुमशुदगी ड्रामा की स्क्रिप्ट में छुपे इशारे ही उनकी असलियत उगलवाने का सबब बने।वकालत कर चुकीं और जज बनने की तैयारी कर रही 29 साल की अर्चना तिवारी ने अपनी शादी से बचने के लिए खुद गुमशुदगी का फुलप्रूफ प्लान बनाया. उसे लगा कि वह कानून की बारीकियां जानती है इसलिए पुलिस को आसानी से चकमा दे देगी. ट्रेन से गुमशुदगी का नाटक, कपड़े बदलकर ट्रेन से फरार होना, स्टेशन के मेन गेट से ना निकलकर आउटर के रास्ते बाहर जाना, मोबाइल जंगल में फेंकना, कार में लेटकर सीसीटीवी से बचना और नेपाल तक पहुंच जाना. लेकिन इन सबके बावजूद वह हर कदम पर वह ऐसे सुराग छोड़ती गईं कि पुलिस ने एक-एक कड़ी जोड़कर उसकी पूरी कहानी खोल दी. 12 दिन तक चली इस गुमशुदगी ड्रामा की स्क्रिप्ट में छुपे इशारे ही उनकी असलियत उगलवाने का सबब बने।
