उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो

उत्तराखंड के चमोली जनपद में एक चालक की नशाखोरी और लापरवाही यात्रियों की जान पर भारी पड़ गई। गनीमत रही कि यात्री बाल-बाल बच गए। अगर जरा सी चूक हुई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। दरअसल, सोनप्रयाग से बद्रीनाथ जा रही एक बस चालक ने शराब पीकर बस को खाई के मुहाने पर रोक दिया। इसके बाद खुद वहां से भाग गया। बस में सवार यात्रियों ने किसी तरह बस से कूद कर अपनी जान बचाई। वहीं, चालक के शराबी के नशे में धुत होने और बस चलाने को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।यह घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है। चमोली पुलिस के अनुसार नंदा देवी एक्सप्रेस बस जो सोनप्रयाग से बद्रीनाथ जा रही थी। बस में विभिन्न राज्यों के लगभग 36 तीर्थयात्री सवार थे। बस चालक अशोक कुमार पुत्र संतराम निवासी कालेश्वर उमटा, कर्णप्रयाग ने हनुमान चट्टी के पास बस रोककर कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पी ली।घबरा गए थे तीर्थयात्री
ड्राइवर ने इसके बाद शराब के नशे में डगमगाते हुए बस चलानी शुरू कर दी। बस कभी दाएं तो कभी बाएं झूलने लगी। चालक की इस हरकत से बस में बैठे यात्रियों की जान पर बन आयी। सभी तीर्थयात्री घबरा गए। बद्रीनाथ से लगभग 5 किलोमीटर पहले बस अनियंत्रित होकर खाई की ओर लुढ़कने लगी तो चालक बस छोड़कर फरार हो गया। वहीं, यात्रियों की जान अटक गई। किसी तरह यात्रियों ने बस से कूद कर अपनी जान बचाई और पुलिस को सूचना दी।बस चालक गिरफ्तार ,पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई की और फरार चालक को कुछ ही देर में गिरफ्त में ले लिया। पुलिस ने चालक की मेडिकल जांच करवाई जिसमें उसके शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद एमवी एक्ट के तहत बस को सीज कर दिया गया। चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए भेजा गया है। चमोली पुलिस ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि यदि कोई वाहन चालक नशे की हालत में वाहन चलाता हुआ दिखाई दे तो यात्री इस संबंध में तत्काल पुलिस को सूचना दें। हालांकि, तीर्थयात्रा के दौरान हादसों को लेकर प्रशासन और सरकार के स्तर पर जांच का निर्देश पहले से जारी है।
