उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
आज यानी 8 मार्च को रंग पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस पर्व का खास महत्व है। यह पर्व हर साल होली के बाद 5वें दिन यानी चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस होली की तरह ही लोग एक दूसरों को रंग-गुलाल लगाते हैं। इसके अलावा रंग पंचमी पर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को रंग-गुलाल अर्पित किया जाता है। इसके अलावा इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की भी पूजा अर्चना की जाती है और उन्हें भी अबीर और गुलाल अर्पित किया जाता है। चलिए रंग पंचमी का महत्व, पूजा विधि और उपाय के बारे में जानते हैं।रंग पंचमी का महत्व,धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक रंग पंचमी के दिन ही भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी ने एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाया था। राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण को होली खेलता देख आसमान से देवी-देवताओं ने पुष्पों की वर्षा की थी। साथ ही एक मान्यता यह भी है कि इस दिन देवी-देवता भक्तों संग पृथ्वी पर होली खेलने के लिए आते हैं। इसलिए रंग पंचमी को देवताओं की होली भी कहा जाता है। मान्यता है।आज यानी 8 मार्च को रंग पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस पर्व का खास महत्व है। यह पर्व हर साल होली के बाद 5वें दिन यानी चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।
