उत्तराखंड डेली न्यूज़ :ब्योरो

उत्तराखंड में मॉनसून जोरों पर है। बागेश्वर समेत कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभागने कल नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंहनगर में रेड अलर्ट जारी किया है।उत्तराखंड में मॉनसून जमकर बरस रहा है। आज भी कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में मध्यम बारिश की संभावना जताई है। बाकी जिलों में हल्की बौछारें राहत और उमस का एहसास दे सकती हैं। देहरादून में भी आज एक-दो बारिश के दौर संभावित हैं, जो गर्मी से थोड़ी राहत दे सकते हैं। लेकिन असली खेल तो रविवार से शुरू होने वाला है, जब मॉनसून अपनी पूरी ताकत दिखाएगा।
बागेश्वर में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, बागेश्वर जिले में आज भारी बारिश की चेतावनी है। नदियों और नालों के उफान पर आने की आशंका के साथ, स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अगर आप बागेश्वर या आसपास के इलाकों में हैं, तो घर से निकलने से पहले छाता और रेनकोट तैयार रखें।
देहरादून में धूप और बारिश की आंख-मिचौली
देहरादून में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा, और आज यह 34 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है। सुबह की चटक धूप के बाद दोपहर या शाम को एक-दो बारिश के दौर संभावित हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने बताया कि देहरादून में बारिश का यह सिलसिला हल्का रहेगा, लेकिन उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में मध्यम बारिश
पहाड़ी इलाकों में मौसम का मूड कुछ अलग है। रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में मध्यम बारिश की संभावना है, जिसके साथ गरज-चमक और तेज़ हवाएं भी आ सकती हैं। इन इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना रहता है, इसलिए यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कल से इन जिलों में रेड अलर्ट
मॉनसून उत्तराखंड में पूरी तरह से सक्रिय है और जुलाई में सामान्य से 21% अधिक बारिश दर्ज की गई है। खासकर बागेश्वर में 269% अधिक वर्षा ने रिकॉर्ड तोड़े हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार (20 जुलाई) से बारिश का दौर और तेज़ होगा। नैनीताल, चंपावत, और ऊधमसिंहनगर में अत्यंत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, और पिथौरागढ़ में भी बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। सोमवार को रेड अलर्ट का दायरा देहरादून, टिहरी, पौड़ी, और हरिद्वार तक फैलेगा।डॉ. बिक्रम सिंह ने चेतावनी दी कि इन दिनों में भूस्खलन, सड़कों पर अवरोध और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
