उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
अंकिता भंडारी केस में पुलिस अधिकारियों ने एक बार फिर साफ किया कि इसमें वीवीआईपी वाली कोई बात नहीं थी, यह जरूर कहा कि अंकिता पर एक्स्ट्रा सर्विस का दबाव बनाया गया।अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उठ रहे सवालों और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाह के बीच पुलिस ने एक बार फिर स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस का दावा है कि इस प्रकरण में किसी भी वीआईपी की संलिप्तता नहीं है। जांच निष्पक्ष, तथ्यपरक और कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप की गई है, जिसे कोर्ट ने भी स्वीकार किया है। पुलिस ने हालांकि यह भी स्वीकार किया है कि अंकिता पर एक्स्ट्रा सर्विस का अनैतिक दबाव बनाया गया। पुलिस ने तथाकथित वीआईपी एंगल पर कहा कि नोएडा से कोई आदमी उस रात रिसॉर्ट आया था।देहरादून में पत्रकार वार्ता में एसपी देहात हरिद्वार एवं एसआईटी के सदस्य रहे शेखर सुयाल ने अंकिता के प्रकरण से जुड़ी जांच की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों पर भ्रामक सूचनाएं, अधूरे तथ्य और निराधार आरोप फैलाए जा रहे हैं, जिनका वास्तविकता से कोई रिश्ता ही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वनंतरा रिसॉर्ट के जिस कमरे को लेकर भ्रम फैलाया गया कि उसे साक्ष्य मिटाने के लिए तोड़ा गया, उसके सभी वीडियो साक्ष्य और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। पुलिस ने न तो कोई साक्ष्य छिपाया और न नष्ट किया। एसपी ने दो टूक कहा कि किसी भी व्यक्ति को बचाने का प्रयास नहीं किया है। पूरी जांच निष्पक्षता और कानून के दायरे में रहकर की गई है। दो लोगों की कथित वार्ता से जुड़े ऑडियो को गंभीरता से लेकर एसआईटी बनाई है, जो निष्पक्ष जांच कर रही है।
एक्स्ट्रा सर्विस का दबाव डाला गया था अंकिता पर
एसपी शेखर सुयाल ने बताया कि पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने अंकिता पर एक्स्ट्रा सर्विस देने का अनैतिक दबाव बनाया था। अंकिता के इनकार करने पर ही आरोपियों ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। एसआईटी ने वनंतरा रिसॉर्ट के प्रत्येक कर्मचारी से पूछताछ की, जिसमें पुष्टि हुई कि अंकिता वहां से छोड़कर जाना चाहती थी, लेकिन आरोपियों ने उसे जबरन अपने साथ ले जाकर घटना को अंजाम दिया।
नोएडा का व्यक्ति रिसॉर्ट आया था, कोई लिंक नहीं मिला
एसपी शेखर सुयाल ने बताया कि एसआईटी की गहन विवेचना और पुख्ता सबूतों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को सजा सुनाई जा चुकी है और वे वर्तमान में जेल में हैं। तथाकथित वीआईपी एंगल सामने आने के बाद पुलिस ने रिसॉर्ट आने-जाने वाले हर व्यक्ति की जांच की। पुलिस की जांच में सामने आया कि नोएडा निवासी व्यक्ति रिसॉर्ट में आया था, जो जमीन की डील के सिलसिले में वहां मौजूद था और केवल भोजन करने के लिए रिसॉर्ट पहुंचा था। उसके बयान भी दर्ज किए गए। वह व्यक्ति महज डेढ़ से दो घंटे वहां रुका और उसका इससे कोई लिंक नहीं पाया गया।उर्मिला को नोटिस दिया है मगर गिरफ्तारी नहीं,सोशल मीडिया पर चर्चाओं में रहीं उर्मिला सनावर के मामले में पुलिस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी गिरफ्तारी नहीं, बल्कि जांच में सहयोग के लिए नोटिस भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, उर्मिला की ओर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर व अन्य व्यक्तियों पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। उर्मिला ने पुलिस से सुरक्षा मांगी है, लेकिन अब तक उन्होंने अपना स्पष्ट पता नहीं दिया है। पुलिस ने उनसे अपील की है कि वे सामने आकर अपने बयान दर्ज कराएं।
