उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

औली में भारी बर्फबारी के कारण मवेशियों को चारे की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उनके मालिक उन्हें वापस नहीं ले गए, जिससे वे बेसहारा भटक रहे हैं। होटल कारोबारियों ने मवेशियों को निचले इलाकों में पहुंचाया है। समाजसेवी रविंद्र कंडारी ने नगर पालिका से इन बेजुबान जानवरों को ‘गो सेवा सदन’ में सुरक्षित रखने की मांग की है, क्योंकि उन्हें भोजन, पानी और आश्रय नहीं मिल रहा है।औली क्षेत्र में चुगान के लिए भेजे गए मवेशियों पर भी बर्फबारी की मार पड़ी है। ज्योतिर्मठ के सुनील क्षेत्र से औली गौरसों तक की भूमि बर्फ से ढकी होने के कारण मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।हालांकि, मवेशियों के स्वामियों को इस स्थिति की चिंता नहीं है। इस कारण बेसहारा छोड़े गए मवेशियों की जान पर संकट आ गया है। ये मवेशी होटल और टेंट कालोनी के आसपास शरण ले रहे हैं। ठंड को देखते हुए होटल कारोबारियों ने इन मवेशियों को औली क्षेत्र से निकालकर ज्योतिर्मठ के निचले क्षेत्रों में छोड़ दिया है।चमोली जनपद में पिछले एक सप्ताह से मौसम में बदलाव और बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है। औली बुग्याल क्षेत्र में बरसात में छोड़े गए दर्जनों मवेशियों को उनके स्वामियों द्वारा नहीं ले जाने के कारण ये मवेशी बर्फ और बारिश में ठिठुरते हुए इधर-उधर भटक रहे हैं।औली के होटल कारोबारी और समाजसेवी रविंद्र कंडारी ने बर्फबारी में भूखे-प्यासे भटक रहे इन बेजुबान मवेशियों का सुरक्षित रेस्क्यू करते हुए इन्हें निचले इलाकों में नगर पालिका को गो सेवा सदन में रखे जाने की मांग की है।कहा कि बर्फबारी में मवेशियों को न घास, न पानी और न ही रहने की जगह मिल रही थी। ऐसे में बर्फ वाले क्षेत्रों से मवेशियों को निकाल कर इन्हें निचले इलाकों में छोड़ा गया है।
