उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

उत्तराखंड सरकार ने घोड़े-खच्चरों की सुरक्षा और सेहत को लेकर उठाए गए कदमों के सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने जानकारी दी कि घोड़े-खच्चर मार्गों पर पशुओं की स्थिति में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2022 में जहां 200 से अधिक घोड़े-खच्चरों की मृत्यु दर्ज की गई थी, वहीं बीते साल और इस साल यह आंकड़ा घटकर लगभग 50 रह गया है, जिनमें से अधिकांश मौतें प्राकृतिक आपदा के कारण हुईं। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता को लेकर बेहद सख्त है। इसके लिए अलग से डॉक्टरों की टीमें, मॉनिटरिंग व्यवस्था, गर्म पानी की सुविधा और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसे कई कदम उठाए गए हैं। साथ ही पशु क्रूरता करने वालों पर चालान और एफआईआर की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि फरवरी के तीसरे सप्ताह से छोटे-छोटे स्वास्थ्य शिविर शुरू किए जाएंगे, जहां घोड़े-खच्चरों की जांच और रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि अधिकतर पंजीकरण उत्तराखंड के लोगों के हों और कोई भी बीमार या कमजोर पशु यात्रा में शामिल न हो, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिले और पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
