उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

केंद्रीय बजट 2026 ने उत्तराखंड के पर्यटन और व्यापार जगत को ‘कहीं खुशी, कहीं गम’ का एहसास कराया है. जहां ट्रैकिंग रूट्स और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को लेकर सरकार की घोषणाओं का स्वागत हुआ है, वहीं नैनीताल और मसूरी जैसे मशहूर पर्यटन स्थलों की अनदेखी और मिडिल क्लास को टैक्स में राहत न मिलना बड़ी निराशा बनकर उभरा है. व्यापारियों का कहना है कि सरकार का पूरा फोकस सिर्फ चारधाम तक सीमित है. आखिर नैनीताल के कारोबारियों ने इस बजट को लेकर और क्या-क्या बातें कही हैं, जानिए इस खास रिपोर्ट में.नैनीताल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 9वें और मोदी सरकार के 15वें पूर्ण बजट को लेकर उत्तराखंड समेत पहाड़ी राज्यों के पर्यटन और व्यापार जगत में मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है. बजट में जहां कुछ सेक्टरों को राहत मिली है, वहीं पर्यटन आधारित राज्यों को अपेक्षित प्रोत्साहन न मिलने से निराशा भी दिखी. नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने बजट में उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के लिए ट्रैकिंग व हाइकिंग ट्रेल्स की घोषणा को सकारात्मक कदम बताया, लेकिन साथ ही कहा कि इन ट्रेल्स का वास्तविक स्वरूप और क्रियान्वयन आने वाला समय ही बताएगा.दिग्विजय ने बताया कि बजट का कुल आकार 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष से अधिक है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उत्तराखंड को इसमें कितना हिस्सा मिलेगा. बिष्ट ने कहा कि 2027 में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और पर्यटन ही यहां रोजगार का मुख्य साधन है, बावजूद इसके इस सेक्टर को अपेक्षित वित्तीय समर्थन नहीं मिला.
सिर्फ चारधाम तक सीमित सरकार का ध्यान
स्थानीय कारोबारी संजय नागपाल ने एमएसएमई सेक्टर पर सरकार के फोकस को रोजगार सृजन के लिहाज से सकारात्मक बताया, लेकिन मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत न मिलने पर निराशा जताई. उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान सिर्फ चारधाम तक सीमित है, जबकि नैनीताल और मसूरी जैसे ब्रिटिशकालीन पर्यटन स्थलों की अनदेखी हो रही है. पर्यटकों को “नैनीताल पैक है” कहकर वापस भेजना पर्यटन के लिए नुकसानदेह है. साथ ही कोई ठोस बजट पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नहीं दिख रहा है. उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए सुविधा होनी चाहिए. ताकि वो बार बार उत्तराखंड घूमने आएं और यहां की अर्थव्यवस्था को बल मिले.
बजट संतोषजनक, ट्रांसपोर्ट को अच्छा बजट
तल्लीताल व्यापार मंडल के निवर्तमान महासचिव अमनदीप सिंह आनंद ने बजट को संतोषजनक बताते हुए इनकम टैक्स में छूट, कृषि क्षेत्र और परिवहन के लिए प्रावधानों की सराहना की. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट को अच्छा बजट दिया गया है. उत्तराखंड में अन्य राज्यों के साथ कनेक्टिविटी को मजबूत करना बहुत जरूरी है, जिसमें कुमाऊ में रोड, रेल व एयर ट्रैवल को सुगम बनाना बेहद जरूरी है. ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना ना करना पड़े.
पर्यटन के क्षेत्र में मिली निराशा
होटल व्यवसाई रूचिर साह ने आउटबाउंड टूरिज्म पर टीसीएस को घटाकर 2 प्रतिशत करने को राहत भरा कदम बताया, लेकिन घरेलू और विदेशी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति न होने पर निराशा जताई है. उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर बजट से उम्मीदें तो थीं, लेकिन पहाड़ी पर्यटन राज्यों के लिए यह बजट अभी अधूरा सा नजर आ रहा है. उन्होंने बताया कि साल 2019 के बाद विदेशी पर्यटकों के आने की संख्या में कमी आई है, सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए था, लेकिन इस बजट में कोई ठोस रणनीति नजर
पर्यटन की तरफ देना चाहिए था ध्यान
मां नयना देवी व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत टंडन ने बजट को विकासोन्मुख बताया और कहा कि हॉस्पिटैलिटी, मेडिकल सेक्टर और महिलाओं को प्रोत्साहन देने के प्रावधान सकारात्मक हैं. उन्होंने कहा कि पर्यटको के प्रति सरकार ने प्रवाधान बनाए है, इस बजट में हॉस्पिटलिटी व मेडिकल सुविधाओं पर राहत मिली है. मेडिकल सुविधाएं, महिलाओं को प्रोत्साहन देने में सरकार योगदान कर रही है और लोगों को लाभ मिल रहा है. उत्तराखंड में पर्यटकों के आने के लिए बुनियादी सुविधाएं जैसे, वन्देमातरम ट्रेन की माँग कब से कि जा रही है. उन्होंने कहा कि कुछ इस तरफ भी सरकार को ध्यान देना चाहिए था जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सके.
