उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
देहरादून में एमडीडीए की आईएसबीटी और आमवाला तरला आवासीय योजनाएं खरीदारों का भरोसा जीत रही हैं। कम लागत, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर निर्माण के कारण सभी एचआईजी फ्लैट बुक हो चुके हैं।दून में घर खरीदने वालों का भरोसा अब सरकारी आवासीय योजनाओं की ओर तेजी से बढ़ रहा है।इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की आइएसबीटी और आमवाला तरला आवासीय योजना है, जहां सभी एचआइजी फ्लैट बुक हो चुके हैं।आइएसबीटी योजना में कुल 338 एचआइजी फ्लैट हैं, जबकि आमवाला तरला में 112 एचआइजी फ्लैट। प्राधिकरण की कम कीमत, पारदर्शी प्रक्रिया और तय समय में निर्माण ने लोगों को सरकारी विकल्प की ओर आकर्षित किया है।एमडीडीए के अनुसार आइएसबीटी हाउसिंग योजना में ‘पहले आओ-पहले पाओ’ आधार पर सभी एचआइजी फ्लैट आवंटित हो चुके हैं।आमवाला तरला की निर्माणाधीन योजना में भी इसी श्रेणी के सभी फ्लैट बुक हो गए हैं। जून 2024 में दोबारा शुरू की गई इस योजना को लगातार अच्छा प्रतिसाद मिलता रहा और अब इसकी पूरी बुकिंग हो चुकी है।प्राधिकरण का कहना है कि योजनाओं की सफलता के पीछे निर्माण गुणवत्ता और पारदर्शी प्रक्रिया सबसे बड़ा कारण है।निजी परियोजनाओं में जहां कीमत अधिक होने, अतिरिक्त शुल्क और निर्माण में देरी जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं, वहीं एमडीडीए की योजनाओं में कम लागत पर बेहतर गुणवत्ता और स्पष्ट आवंटन प्रक्रिया ने भरोसा बढ़ाया है।आमवाला तरला योजना बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के कारण तेजी से पसंद की जा रही है। यहां पार्किंग, जलापूर्ति, हरित क्षेत्र और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।दूसरी ओर आइएसबीटी योजना परिवहन केंद्र के निकट होने के कारण शुरू से मांग में रही एवं अब सभी फ्लैटों की बुकिंग ने इसकी साख और मजबूत कर दी है। दून में तेजी से बढ़ती आबादी के बीच किफायती आवास की चुनौती बनी हुई है।ऐसे में एमडीडीए की योजनाएं सुनियोजित शहरी विकास का माडल बन रही हैं। प्राधिकरण अब शहर में नई परियोजनाओं और भूमि बैंक पर भी काम कर रहा है, ताकि आने वाले समय में अधिक लोगों को व्यवस्थित और किफायती आवास उपलब्ध कराया जा सके।इसलिए बदल रहा है लोगों का भरोसा,देहरादून के आवास बाजार में अब खरीदार केवल चमकदार विज्ञापनों के आधार पर निर्णय नहीं ले रहे, बल्कि लागत, भरोसे और समयसीमा को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि निजी बिल्डरों की तुलना में सरकारी फ्लैटों की मांग में वृद्धि हुई है।एमडीडीए की योजनाओं में कम कीमत के साथ सरकारी निगरानी और बुनियादी सुविधाओं का भरोसा मिलने से मध्यमवर्गीय परिवार इन्हें सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।
