उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
जनपद में आपदा प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग, सुश्री नीहारिका तोमर द्वारा रतूड़ा स्थित अग्निशमन इकाई (Fire Station) का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यकुशलता, जीवन रक्षक उपकरणों की स्थिति और किसी भी आपात स्थिति में टीम की त्वरित प्रतिक्रिया (Response Time) का मूल्यांकन करना रहा।संसाधनों और उपकरणों की गहन जांच: निरीक्षण के दौरान एसपी रुद्रप्रयाग ने अग्निशमन वाहनों, हाई-प्रेशर पम्पों और रेस्क्यू उपकरणों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपकरणों का संचालन करवाकर उनकी कार्यक्षमता जांची और स्पष्ट निर्देश दिए कि आगजनी या अन्य आपदा की स्थिति में सभी उपकरण कार्यशील (Functional) अवस्था में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि उपकरणों के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी।
न्यूनतम ‘रिस्पॉन्स टाइम’ पर जोर:
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अग्निशमन सेवा में समय सबसे महत्वपूर्ण कारक है। सूचना मिलते ही टीम का रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम होना चाहिए, क्योंकि चंद सेकंड की देरी भी जान-माल के भारी नुकसान का कारण बन सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कार्यालय के महत्वपूर्ण रजिस्टरों, लॉग बुक और आपदा प्रबन्धन उपकरणों की जांच की और उन्हें नियमित रूप से अद्यतन (Update) रखने के निर्देश दिए।आगामी यात्रा सीजन और वनाग्नि हेतु सतर्कता – जनपद की भौगोलिक संवेदनशीलता और आगामी चारधाम यात्रा 2026 के दृष्टिगत, एसपी रुद्रप्रयाग ने फायर यूनिट को विशेष अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग जनपद वनाग्नि (Forest Fire) के प्रति भी संवेदनशील है, अतः टीम को जंगलों की आग से निपटने हेतु विशेष कार्ययोजना के साथ तैयार रहना होगा। इसके लिए उन्होंने स्थानीय स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से मॉक ड्रिल और जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा ताकि आम जनता भी प्रारंभिक बचाव के उपायों से परिचित हो सके।अनुशासन और टर्न-आउट – एसपी रुद्रप्रयाग ने उपस्थित कार्मिकों के टर्न-आउट (वर्दी एवं साज-सज्जा) और अनुशासन का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी को अपनी ड्यूटी के प्रति सदैव सजग, अनुशासित और विनम्र रहने की हिदायत दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तकनीकी रूप से दक्ष और मानसिक रूप से सतर्क टीम ही जनपद को सुरक्षित वातावरण प्रदान कर सकती है।इसके अतिरिक्त उनके द्वारा जनपद में व्यवस्थित एसडीआरएफ कार्मिकों से उनके कार्यक्षेत्र एवं किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई।
