
*~ हिंदू पंचांग ~*

*दिनांक – 19 फरवरी 2025*
*दिन – बुधवार*
*विक्रम संवत – 2081*
*शक संवत -1946*
*अयन – उत्तरायण*
*ऋतु – वसंत ॠतु*
*अमांत – 8 गते फाल्गुन मास प्रविष्टि*
*राष्ट्रीय तिथि – 1फाल्गुन मास*
*मास – फाल्गुन (गुजरात-महाराष्ट्र माघ)*
*पक्ष – कृष्ण*
*तिथि – षष्ठी सुबह 07:32 तक तत्पश्चात सप्तमी*
*नक्षत्र – स्वाती सुबह 10:40 तक तत्पश्चात विशाखा*
*योग – वृद्धि सुबह 10:48 तक तत्पश्चात ध्रुव*
*राहुकाल – दोपहर 12:31 से दोपहर 01:54 तक*
*सूर्योदय – 06:54*
*सूर्यास्त – 06:09*
*दिशाशूल – उत्तर दिशा मे*
*व्रत पर्व विवरण –
*विशेष- षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*~ वैदिक पंचांग ~*
*महाशिवरात्रि*
*26 फरवरी 2025 बुधवार को महाशिवरात्रि है ।*
*शिवरात्रि का व्रत, पूजन, जागरण और उपवास करनेवाले मनुष्य का पुनर्जन्म नहीं होता है। (स्कंद पुराण)*
*शिवरात्रि के समान पाप और भय मिटानेवाला दूसरा व्रत नहीं है। इसको करनेमात्र से सब पापों का क्षय हो जाता है। (शिव पुराण)*
*~ वैदिक पंचांग ~*
*शिवरात्रि के दिन करने योग्य विशेष बातें*
*१. शिवरात्रि के दिन की शुरुआत ये श्लोक बोल के शुरू करें :-*
*देव देव महादेव नीलकंठ नमोस्तुते l*
*कर्तुम इच्छा म्याहम प्रोक्तं, शिवरात्रि व्रतं तव ll*
*2. काल सर्प के लिए महाशिवरात्रि के दिन घर के मुख्य दरवाजे पर पिसी हल्दी से स्वस्तिक बना देना….शिवलिंग पर दूध और बिल्व पत्र चढ़ाकर जप करना और रात को ईशान कोण में मुख करके जप करना l*
*3. शिवरात्रि के दिन ईशान कोण में मुख करके जप करने की महिमा विशेष है, क्योंकि ईशान के स्वामी शिव जी हैं l रात को जप करें, ईशान को दिया जलाकर पूर्व के तरफ रखें , लेकिन हमारा मुख ईशान में हो तो विशेष लाभ होगा l जप करते समय झोका आये तो खड़े होकर जप करना l*
*4. महाशिवरात्रि को कोई मंदिर में जाकर शिवजी पर दूध चढाते हैं तो ये ५ मंत्र बोलें :-*
*ॐ हरये नमः*
*ॐ महेश्वराए नमः*
*ॐ शूलपानायाय नमः*
*ॐ पिनाकपनाये नमः*
*ॐ पशुपतये नमः*
*~ हिन्दू पंचांग ~*
*~ वैदिक पंचांग ~*