उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो

अमीरों का स्कूल राजस्थान में है. यहां का पहला स्टूडेंट 300 नौकरों के साथ पहुंचा था. स्कूल 76 हेक्टेयर में फैला है. कैंपस वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं से भरा है. यहां गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल, अस्तबल और 20 से ज्यादा स्पोर्ट्स की ट्रेनिंग दी जाती है,भारत में कई नामी स्कूल हैं, लेकिन जब बात आती है ‘अमीरों का स्कूल’ की, तो सबसे पहले नाम राजस्थान के अजमेर के मेयो कॉलेज का आता है. यह सिर्फ एक स्कूल नहीं बल्कि शाही ठाठ-बाट, शानदार इमारतों और वर्ल्ड-क्लास फैसेलिटीज से भरा हुआ एक ऐसा कैंपस है, जिसने देश-विदेश के कई राजकुमारों और अमीरों को शिक्षा दी है. इस आर्टिकल में जानिए यह शाही लाइफस्टाइल वाला स्कूल कैसा है, यहां की फीस कितनी है और इसमें एडमिशन कैसे मिलता है…
मेयो कॉलेज कब बना
मेयो कॉलेज की नींव 1875 में वायसराय लॉर्ड मेयो ने रखी थी. शुरुआत 1869 में हुई जब ब्रिटिश अधिकारी FKM वाल्टर ने अमीर बच्चों के लिए एक खास स्कूल बनाने का प्रस्ताव रखा. इसके बाद 1870 में लॉर्ड मेयो ने राजघरानों के वारिसों की पढ़ाई के लिए इस स्कूल का विजन तैयार किया. 1885 में मेजर मेयो के डिजाइन पर इसका मुख्य भवन तैयार हुआ, जिसकी लागत करीब 3.28 लाख रुपए आई थी. आज यह बिल्डिंग अजमेर की शान मानी जाती है.
300 नौकरों के साथ पहले स्टूडेंट की एंट्री
इस स्कूल के पहले स्टूडेंट अलवर के राजकुमार मंगल सिंह थे. कहा जाता है कि वे पालकी में बैठकर स्कूल पहुंचे थे और उनके साथ करीब 300 नौकर और घुड़सवारों का काफिला था. तब स्कूल के प्रिसिंपल ओलिवर सेंट जॉन हुआ करते थे. मेयो को ‘ईटन ऑफ द ईस्ट’ भी कहा जाता है. 1986 में भारत सरकार ने मेयो कॉलेज की पहचान और एक्सीलेंस को मान देते हुए इसका एक स्पेशल डाक टिकट जारी किया था. उस पर इसका भव्य मुख्य भवन छपा हुआ था.
महाराणा प्रताप के वंशज भी इसी स्कूल से पढ़ें
मेयो कॉलेज में पढ़े कई शाही परिवारों के राजकुमार बाद में रियासतों पर राज कर चुके हैं. महाराणा प्रताप के वंशज और पूर्व सांसद महेंद्र सिंह मेवाड़ (1953-59 बैच) भी यहीं पढ़े थे. 2024 में 83 साल की उम्र में उनका निधन हुआ. आज भी बिजनेस टायकून, डिप्लोमैट्स और अमीर परिवारों के बच्चे यहां शिक्षा लेने आते हैं.
मेयो की वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं
76 हेक्टेयर में फैला कैंपस
20 से ज्यादा स्पोर्ट्स की सुविधाएं
9 होल गोल्फ कोर्स
बड़ा स्विमिंग पूल
60 घोड़ों का अस्तबल
शानदार मार्बल बिल्डिंग्स और ग्रीन लॉन
यहां पोलो और गोल्फ जैसे स्पोर्ट्स भी सिखाए जाते हैं
मेयो स्कूल में एडमिशन कैसे होता है.
मेयो में 7वीं, 9वीं और 11वीं क्लास में एडमिशन मिलता है. इसके लिए सितंबर में ऑफलाइन एप्टीट्यूड टेस्ट होता है. टेस्ट पास करने वाले बच्चों और उनके पेरेंट्स का नवंबर-जनवरी में इंटरव्यू होता है. फिलहाल यहां 9 से 18 साल तक के करीब 850 स्टूडेंट्स पढ़ते हैं. स्कूल से जुड़ी ज्यादा डिटेल्स आप आधिकारिक वेबसाइट mayocollege.com पर देख सकते हैं.
मेयो स्कूल की फीस कितनी है
सालाना फीस- ₹10,53,000
कॉशन मनी- ₹5,26,500
एडमिशन फीस- ₹2,50,000
IT फीस- ₹42,000
इंप्रेस्ट मनी- ₹80,000
यूनिफॉर्म फीस- ₹25,000
प्रॉस्पेक्टस और सैंपल पेपर्स- ₹1,000
रजिस्ट्रेशन फीस- ₹25,000
