उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो

दिवाली से एक दिन पहले हनुमान जी की पूजा का विधान है। दिवाली से एक दिन पहले यानी नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली के दिन अधिकतर लोग घरों में हनुमान जी मूर्ति लाकर उनकी पूजा करते हैं। दिवाली से एक दिन पहले हनुमान जी की पूजा का विधान है। दिवाली से एक दिन पहले यानी नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली के दिन अधिकतर लोग घरों में हनुमान जी मूर्ति लाकर उनकी पूजा करते हैं। हनुमान जी की मूर्ति लाकर घर में एक चौकी पर रखकर उन्हें गुलाब की फूलमाला अर्पित करते हैं और फिर हनुमान जी को पान अर्पित किया जाता है। हनुमान जी को पुए का भोग लगाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि अमावस्या तिथि पर नेगेटिव शक्तियां एक्टिव रहती हैं, इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से सभी नेगेटिव शक्तियां खत्म हो जाती है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा इसलिए भी की जाती है कि इस दिन हनुमान जी का जन्महुआ था। मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी की भक्ति और सेवा से प्रसन्न होकर प्रभु राम ने उनको वरदान दिया कि अमावस्या पर दीपोत्सव से पूर्व उनके प्रिय भक्त हनुमान की पूजा की जाएगी।इस साल कब है, नरकचतुर्दशी और हनुमान जी की पूजा का मुहूर्त
धनतेरस का पर्व 18 तारीख को दिन शनिवार को रहेगा। छोटी दिवाली का पर्व 19 को दीपदान के साथ नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर पर विजय पाई थी। इस दिन स्नान और पूजा कर बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है। छोटी दिवाली सोमवार 19 अक्टूबर को पड़ेगी।चतुर्दशी तिथि 19 अक्टूबर रविवार को दोपहर में 1 बजकर 51 मिनट से 20 अक्टूबर दिन सोमवार को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। 19 अक्टूबर को हनुमान पूजा का शुभ मुहूर्त रात में 11 बजकर 41 मिनट से देर रात 12 बजकर 31 मिनट तक है। इस रात आपको हनुमान जी की पूजा के लिए 51 मिनट का शुभ मुहूर्त प्राप्त होगा। इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
