उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो

आचार्य बालकृष्ण ने चेतावनी दी है कि आज ज्यादातर बीमारियां भूख से नहीं, बल्कि ओवरईटिंग से बढ़ रही हैं. उन्होंने बताया कि हफ्ते में एक दिन उपवास और रोज जरूरत से थोड़ा कम खाना पाचन अग्नि को मजबूत करके शरीर को हेल्दी रखता है.आजकल छोटी-बड़ी बीमारियां लगभग हर घर में दिखाई देने लगी हैं. इन्हें ठीक करने के लिए लोग दवाइयों पर इतना निर्भर हो गए हैं कि असली वजह से ध्यान ही हट गया है. असली समस्या दवाइयों की नहीं, बल्कि आपके खाने की है. आप क्या खा रहे हैं, कितना खा रहे हैं और कब खा रहे हैं यही आपकी हेल्थ पर सबसे ज्यादा असर डालता है. ये हमारा नहीं बल्कि पतंजलि के सीईओ और आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण का भी कहना है.हाल ही में आचार्य बालकृष्ण ने लोगों एक बेहद महत्वपूर्ण सलाह दी है. उनकी बात सुनकर कोई भी अपने खाने की आदतों पर तुरंत ध्यान देने लगेगा. उन्होंने साफ कहा कि आज ज्यादातर लोग भूख से नहीं, बल्कि ज्यादा खाने से बीमार पड़ रहे हैं. पेट क्षमता से ज्यादा खाना पाचन तंत्र पर बोझ डालता है और धीरे-धीरे शरीर में कई तरह की समस्याएं खड़ी कर देता है. उन्होंने सभी बीमारियों से बचने का एक अचूक आयुर्वेदिक इलाज भी बताया, जिसमें ना आपके पैसे खर्च होंगे और ना ही आपको डॉक्टरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे. वो क्या है? चलिए जानते हैं.
उपवास है सबसे बड़ी दवा- आचार्य बालकृष्ण
आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि आयुर्वेद के साथ-साथ शास्त्रों में भी फास्टिंग यानी उपवास को सबसे बड़ी औषधि माना गया है. उपवास सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि शरीर को आराम देने और उसे खुद को ठीक करने का मौका देने का तरीका है. अगर थोड़े-थोड़े अंतराल में शरीर को खाली रहने का समय मिले, तो पाचन क्षमता बढ़ती है, सूजन कम होती है और शरीर खुद को बेहतर तरीके से साफ करता है. उनके मुताबिक, आज हजारों लोग भूख से कम और ओवरईटिंग से ज्यादा बीमार हो रहे हैं. शरीर ज्यादा खाना पचा नहीं पाता और धीरे-धीरे बीमारियां घर बना लेती हैं.
