उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

देहरादून ;में पौने दो करोड़ की लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जीजा ने ही पैसों के लालच में अपने साले के घर लूट कराई। जीजा समेत पांच आरोपी अरेस्ट हुए हैं।देहरादून पटेलनगर क्षेत्र के वन विहार में बीते आठ जनवरी की रात हुई लूट की घटना में ‘घर का भेदी लंका ढाए’ कहावत चरितार्थ हुई। पीड़ित की फुफेरी बहन का पति इस वारदात का मास्टरमाइंड निकला। उसे लगा था कि साले के घर जमीन के सौदे के पौने दो करोड़ रुपये रखे हैं। इसी लालच में उसने मुजफ्फरनगर के बदमाशों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मंगलवार को मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई रकम और हथियार बरामद कर लिए हैं।एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, वारदात के मास्टरमाइंड बुशरान राणा ने बताया कि वह केस दर्ज कराने वाले शराफत की सगी बुआ का दामाद है और कपड़े की फेरी का काम करता है। उसे जानकारी मिली थी कि शराफत ने सहारनपुर स्थित अपनी जमीन का सौदा करोड़ों में किया है। बयाने के तौर पर उसे करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये मिले हैं। इसी रकम पर बुशरान की नजर थी। उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।बीते आठ जनवरी की रात बुशरान अपने साथियों आसिफ, इरफान, राजकुमार और वासिफ को लेकर शराफत के घर पहुंचा। उसने साथियों को घर दिखाया और खुद वहां से हट गया। ताकि, कोई उसे पहचान न ले। बदमाशों ने घर में घुसकर हथियारों के बल पर परिजनों को बंधक बनाया। जमीन का सौदा कैंसिल होने के कारण घर में वह मोटी रकम नहीं थी। लुटेरों को वहां से एक लाख रुपये और कुछ जेवर ही मिले। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मंगलवार सुबह तेलपुर चौक के पास चेकिंग के दौरान पांचों आरोपियों को धर दबोचा गया।
जीजा समेत पांच धरे
पुलिस ने मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जीजा बुशरान राणा निवासी शिवपुरी, खतौली (मुजफ्फरनगर), आसिफ निवासी शिव मंदिर रोड, खतौली (मुजफ्फरनगर), इरफान निवासी किजियान मोहल्ला, मुजफ्फरनगर, राजकुमार निवासी उमरपुर, बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) और वासिफ निवासी कजियान मोहल्ला, रहमतनगर, कस्बा बघरा (मुजफ्फरनगर) शामिल हैं।
दो दिन पहले कराया था अपहरण का मुकदमा
पटेल नगर कोतवाली पुलिस ने जिन यूवकों को लूट में गिरफ्तार किया, इनमें कुछ के मुजफ्फरनगर से अपहरण किए जाने की शिकायत दो दिन पहले खतौली थाने में दी गई थी। मंगलवार को गिरफ्तारी का पता लगा तो परिजनों को असली घटना की जानकारी मिली।
42 तोले सोने की कहानी निकली झूठी
इंस्पेक्टर पटेलनगर सीबीएस अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद मकान मालिक ने 42 तोला सोना लूटने की बात कही थी। जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी में यह दावा सच साबित नहीं हुआ। पुलिस के मुताबिक घर से बहुत कम गहने गए हैं। लूटे गए जेवरात की बरामदगी के लिए पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेगी। आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश करते वक्त रिमांड की मांग भी गई है।
