उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

उपनल (UPNL) के अंतर्गत कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए आखिरकार वह दिन आ ही गया जिसका उन्हें पिछले एक दशक से इंतजार था। समान कार्य पर समान वेतन के सिद्धांत को लागू करते हुए धामी सरकार ने उपनल कर्मियों को बड़ी राहत दी है कैबिनेट में प्रस्ताव पास होते ही यह साफ हो गया है कि अब उपनल कर्मचारियों को भी नियमित कर्मियों के समान वेतन मिलेगा। गुरुवार शाम सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मोहर लगी।समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था लागू होते ही उत्तराखंड के उपनल कर्मचारियों की आमदनी में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। नई व्यवस्था के अंतर्गत कर्मचारियों की मासिक सैलरी में ₹20000 तक की बढ़ोतरी संभव है। फिलहाल उपनल के डाटा एंट्री ऑपरेटर लगभग ₹21000 रुपए प्रति महीने वेतन पा रहे हैं लेकिन जैसे ही उन्हें 2400 ग्रेड पे का लाभ मिलेगा उनकी कुल सैलरी बढ़कर करीब ₹42000 तक पहुंच सकती है अभी तक उपनल कर्मियों को कुशल और अर्ध कुशल श्रेणी के आधार पर तय किया गया मानदेय मिलता रहा है। लेकिन अब समान पद पर कार्यरत नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार होगा ।कैबिनेट से पास हुए प्रस्ताव के अनुसार उपनल कर्मियों को 2400 ग्रेड पे का लाभ दिया जाएगा। अब तक न्यूनतम वेतन पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला किसी वरदान से काम नहीं है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी संरचना बदलेगी और उन्हें सरकारी विभागों में कार्यरत समान पद के कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलेगा। इस बदलाव से न सिर्फ आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी काफी बढ़ेगा।उपनल कर्मचारी पिछले 10 वर्षों से समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर अदालतों के चक्कर काट रहे थे। वर्ष 2018 से लगातार आंदोलन कर रहे उपनल कर्मियों ने कई उतार-चढ़ाव देखे लेकिन उनका संघर्ष कभी कमजोर नहीं पड़ा। नवंबर 2018 में नैनीताल हाई कोर्ट ने कर्मचारियों की मांग को जायज मानते हुए सरकार को समान वेतन देने और चरणबद्ध तरीके से नियमितीकरण की नीति तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। कई बार उम्मीद जगी कई बार निराशा हाथ लगी लेकिन आखिरकार उनकी मेहनत रंग ले आई। कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।सरकार के इस फैसले का असर सिर्फ कर्मचारी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा बड़ी हुई सैलरी से बच्चों की पढ़ाई, घर की जिम्मेदारियां और भविष्य की योजनाएं पहले से बेहतर तरीके से पूरी हो सकेंगी और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।सरकारी सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद जल्दी इस पर औपचारिक आदेश जारी किया जा सकता है। आदेश जारी होते ही विभागीय स्तर पर वेतन निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होगी। सचिव शैलेश बगौली के अनुसार फैसले का लाभ पहले चरण में 2015 से पहले नियुक्त उपनल कर्मचारियों को मिलेगा।यह फैसला उपनल कर्मियों के लिए सिर्फ वेतन बढ़ोतरी नहीं बल्कि सम्मान और अधिकार की जीत है। आने वाले दिनों में इसका असर प्रदेश के हजारों कर्मचारियों की जिंदगी में साफ दिखाई देगा। समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार, 2400 ग्रेड पे का लाभ, ₹20000 तक मासिक वेतन बढ़ोतरी कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने से उपनल कर्मियों में खुशी की लहर है वह इसके लिए पिछले 10 साल से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।
