उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में साफ मौसम की संभावना जताई है, हालांकि मैदानी इलाकों में सुबह कोहरा रहेगा। लगातार चार माह से बारिश और बर्फबारी न होने से सूखी ठंड पड़ रही है, जिससे बागवानी और कृषि पर बुरा असर पड़ा है। गेहूं, जौ, मटर और प्याज की फसलें खराब हो रही हैं, और पानी के स्रोत भी सूख रहे हैं। हिमालय की चोटियां भी बर्फहीन दिख रही हैं, जिससे चिंता बढ़ गई है।प्रदेश में मौसम की बेरुखी लगातार जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है।मैदानी एवं पर्वतीय जनपदों में आंशिक रूप से कहीं-कहीं हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। कहीं भी बारिश की संभावना नहीं जताई है। अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहेगा।शनिवार को आसमान में बादल छाने के बाद बारिश की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन रविवार को सुबह से ही मौसम साफ रहा और चटख धूप निकलने के कारण दोपहर में हल्की गर्मी महसूस हुई।सोमवार को सुबह मैदानी जिलों में कहीं-कहीं कोहरा छा सकता है, जबकि दिन में धूप खिली रहेगी, जिससे तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। सुबह व रात के समय मौसम में ठंडक रहेगी।बर्फ नहीं पड़ने से बागवानी काश्तकार परेशान,मसूरी विगत चार माह से बारिश न होने के कारण सूखी ठंड पड़ रही है। इससे लोगों को बीमारियां हो रही हैं। वहीं, मसूरी के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के काश्तकार और बागवान बारिश और हिमपात नहीं होने से निराश हैं। गेहूं, जौ, मटर और प्याज की फसलें लगभग खराब हो चुकी हैं।घास के बुग्यालों में मिट्टी और धूल छाने से पशु घास भी नहीं खा पा रहे हैं। सूखी ठंड के कारण खांसी, जुकाम और बुखार के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। पानी के स्रोतों में भी कमी आ रही है, जो आने वाली गर्मियों में बड़ी समस्या बन सकती है।बर्फबारी नहीं होने से सेब, नाशपाती, पलम और आडू के बागवानों की चिंता बढ़ गई है। इन फलों की पैदावार के लिए बर्फबारी जरूरी है।वहीं, दूसरी ओर हिमालय की चोटियां, जो पहले बर्फ से ढकी रहती थीं, अब लगभग बर्फहीन हो गई हैं। मसूरी से दिखने वाली बंदरपूंछ रेंज और गंगोत्री रेंज की चोटियां काली दिखाई दे रही हैं।जब ग्रेटर हिमालय की चोटियां बर्फहीन हो रही हैं, तो नागटिब्बा, सुरकण्डा और मसूरी जैसे पहाड़ों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
