उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

विकासनगर में डॉक्टर के पास ले जाने के बहाने चचेरे भाई ने 12वीं की छात्रा की पाठल और पत्थरों से हत्या कर दी। आरोपी ने दो दिन पहले ही हथियार खरीदा था और फिलहाल वह पुलिस की पकड़ से बाहर है।उत्तराखंड के विकासनगर में चचेरे भाई ने 12वीं में पढ़ने वाली बहन की गर्दन पर पाठल से वार कर हत्या कर दी। साथ ही चेहरे को पत्थरों से कुचल दिया। इसके बाद आरोपी फरार हो गया। हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।पुलिस के मुताबिक की बॉक्सा बस्ती, ढालीपुर निवासी 18 वर्षीय मनीषा पुत्री आनंद एक डॉक्टर से दाद का इलाज करा रही थी। बुधवार शाम साढ़े छह बजे इंजेक्शन लगवाने की बात कहकर चचेरा भाई सुरेंद्र उसे बाइक से डॉक्टर के पास विकासनगर लेकर गया। दोनों वापस नहीं आए तो उनकी तलाश शुरू हुई। रात 11:30 बजे गांव से कुछ दूरी पर सुरेंद्र की बाइक मिली। साथ ही मनीषा का लहूलुहान शव झाड़ियों के पास पड़ा मिला। वहां खून से सना पाठल और पत्थर भी पड़े थे। उसके गले, नाक, कान पर गहरे घाव थे। जबकि चेहरा पत्थरों से कुचला गया था। आसपास खून ही खून पड़ा था। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि छात्रा के पिता आनंद सिंह की तहरीर पर उनके बड़े भाई के बेटे सुरेंद्र पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पहले ही बना लिया था हत्या का प्लान
मृतका का रिश्ते में चचेरा भाई सुरेंद्र पहले से ही उसकी हत्या का प्लान बना रहा था। इसके लिए वह दो दिन पहले ही बाजार से पाठल खरीदकर लाया था। मृतका के भाई और अन्य परिजनों के मुताबिक उसने पाठल लड़की और उनके परिजनों को भी दिखाया था। गुरुवार शाम को जब वह डॉक्टर के पास ले जाने के बहाने मनीषा को अपने साथ ले गया तो तब भी वह पाठल अपने साथ ले लिया। हालांकि अभी तक हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।दरअसल, सुरेंद्र और मनीषा का घर पास ही है। मनीषा का एक भाई भी है। जबकि सुरेंद्र और तीन भाई है। तीनों में वह सबसे बड़ा था। वह मजदूरी का काम करता था। बताया जा रहा है कि रिश्ते में दोनों चचेरे भाई-बहन थे। घर एक सामने होने के कारण दोनों परिवारों में काफी घनिष्ठता थी। सुरेंद्र उनके हर छोटे-मोटे काम करता था। मनीषा को शरीर में दाद की परेशानी थी। इसलिए वह अपना इलाज विकासनगर में एक डॉक्टर से करा रही थी। अक्सर सुरेंद्र ही उसे डॉक्टर के पास ले जाता था। बुधवार शाम को भी करीब साढ़े छह बजे दोनों डॉक्टर के पास जाने की बात कहकर घर से निकले थे। लेकिन रास्ते में सुरेंद्र ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि हत्या का प्लान वह पहले से ही बना रहा था। इसके लिए वह दो दिन पहले बाजार से नया पाठल खरीदकर लाया था। पाठल को उसने मृतका, उसकी मां और अन्य परिजनों को भी दिखाया था। लेकिन इसकी भनक नहीं लगी कि वह इस पाठल से क्या करने वाला है।
होनहार छात्रा थी मनीषा
मृतका मनीषा बारहवीं कक्षा की छात्रा थी। वह पढ़ने में भी काफी होनहार थी। वह सरस्वती विद्यामंदिर ढालीपुर में पढ़ रही थी। कल ही उसका हिंदी का प्रैक्टिकल था। सरस्वती विद्यामंदिर ढालीपुर के प्रिंसिपल वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि स्कूल में भी कल उसका व्यवहार सामान्य था। कोई ऐसी बात सामने नहीं आई कि वह किसी टेंशन में हो। न ही पहले कभी उसके व्यवहार में परिवर्तन देखने को मिला।डॉक्टर के पास भी नहीं पहुंचे दोनों ,
रहस्य बरकरार
मनीषा की हत्या के पीछे कई रहस्य छिपे हैं। दोनों गए तो डॉक्टर को दिखाने थे, लेकिन वह डॉक्टर के यहां पहुंचे ही नहीं। पुलिस का कहना है कि डॉक्टर से इसकी पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर जब दोनों डॉक्टर के पास नहीं गए तो गए कहां। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
आरोपी की शक्ति नहर में भी की गई खोजबीन
हत्या के बाद कहीं आरोपी ने शक्तिनहर में कूदकर आत्महत्या तो नहीं कर ली, इसकी आशंका को देखते हुए पुलिस ने एसडीआएएफ के साथ शक्ति नहर में भी खोजबीन की। लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस के मुताबिक जिस प्रकार से बाइक घटनास्थल पर ही खड़ी थी। उससे यह संभावना भी हो सकती है कि वह हत्या के बाद घबराकर नहर में कूद गया हो। लेकिन अभी तक उसका सुराग नहीं लग पाया है।
