उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो

स्तन कैंसर तब होता है जब ये असामान्य कोशिकाएं स्तन के ऊतकों, विशेष रूप से दूध की नलिकाओं में विकसित होती हैं.कैंसर एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और स्वस्थ टीशू को नुकसान पहुंचाती हैं. स्तन कैंसर तब होता है जब ये असामान्य कोशिकाएं स्तन के ऊतकों, विशेष रूप से दूध की नलिकाओं (Milk ducts) में विकसित होती हैं. हालांकि इसे पहले बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 40 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.मनीपाल अस्पताल, गाजियाबाद के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. कुंदन कहते हैं, “दुनिया भर में महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है. हाल के आंकड़े बताते हैं कि 40 से कम उम्र की महिलाओं में इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं. यह बदलाव केवल आनुवंशिकी (Genetics) के कारण नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली और पर्यावरणीय कारकों के कारण भी है.”
स्तन कैंसर के मुख्य लक्षण
युवा महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहना चाहिए.
स्तन या बगल में गांठ-बिना दर्द वाली गांठ या ऐसा हिस्सा जो आसपास के ऊतकों से सख्त महसूस हो.
स्तन के आकार या बनावट में बदलाव-स्तन के दिखने या महसूस होने के तरीके में कोई भी अचानक बदलाव.लगातार दर्द-ऐसा दर्द जो मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle) से संबंधित न हो और लंबे समय तक बना रहे.निप्पल से डिस्चार्ज-निप्पल से अचानक तरल पदार्थ का निकलना, विशेष रूप से यदि वह खूनी हो.
त्वचा में बदलाव-स्तन की त्वचा पर गड्ढे पड़ना , लालिमा या पपड़ीदार त्वचा.
बचाव और सावधानी,
स्वस्थ वजन-शरीर के वजन को संतुलित बनाए रखें.
शारीरिक सक्रियता-नियमित व्यायाम और योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.
आहार-संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लें. हानिकारक रसायन-हार्मोन को प्रभावित करने वाले रसायनों के संपर्क में कम से कम आएं. उपचार के विकल्प,युवा महिलाओं में स्तन कैंसर का इलाज कैंसर के प्रकार और स्टेज के आधार पर किया जाता है.सर्जरी- बीमारी के फैलाव के अनुसार लम्पेक्टमी (केवल गांठ निकालना) या मास्टेक्टमी (स्तन को हटाना) की जाती है.अन्य उपचार- सर्जरी के बाद कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी या टारगेटेड ट्रीटमेंट का उपयोग किया जा सकता है. आधुनिक तकनीक अब जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने पर केंद्रित है.
