उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

उत्तराखंड में ‘एक जिला-एक नदी’ योजना के तहत छह नदियों के पुनर्जीवन के लिए 40.50 करोड़ रुपये से अधिक की कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं। स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन अथारिटी (सारा) की बैठक में जलागम सचिव दिलीप जावलकर ने जलस्रोत व नदी संरक्षण योजनाओं में प्रभाव आकलन और निगरानी को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य वर्षा जल संचयन कर नदियों को बारहमासी बनाना है। चमोली की चंद्रभागा नदी के लिए 1.66 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। उत्तराखंड में ‘एक जिला-एक नदी’ योजना के तहत छह नदियों के पुनर्जीवन के लिए 40.50 करोड़ रुपये से अधिक की कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं। स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन अथारिटी (सारा) की बैठक में जलागम सचिव दिलीप जावलकर ने जलस्रोत व नदी संरक्षण योजनाओं में प्रभाव आकलन और निगरानी को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य वर्षा जल संचयन कर नदियों को बारहमासी बनाना है। चमोली की चंद्रभागा नदी के लिए 1.66 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
छह नदियों के पुनर्जीवन को 40.50 करोड़ की योजना
जलस्रोत व नदी संरक्षण में प्रभाव आकलन अनिवार्य
चंद्रभागा नदी के लिए 1.66 करोड़ रुपये स्वीकृत
राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में नदियों को पुनर्जीवन देने के उद्देश्य से संचालित एक जिला-एक नदी योजना के क्रियान्वयन की दिशा में सरकार गंभीरता से कदम उठा रही है। इसके तहत देहरादून, रुदप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत व अल्मोड़ा जिलों की एक-एक नदियों के पुनर्जीवन के लिए 40.50 करोड़ रुपये से अधिक की कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं।स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन अथारिटी (सारा) की राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में इस संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जलागम सचिव दिलीप जावलकर ने निर्देश दिए कि जलस्रोत व नदी संरक्षण की योजनाओं में प्रभाव आकलन और मानीटरिंग को अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए।सचिवालय में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में हुई बैठक में जलागम सचिव जावलकर ने कहा कि वर्षा जल रोककर उसे भूमिगत करना और नदियों के प्रवाह को बारहमासी बनाना सारा का उद्देश्य है। इसी क्रम में एक जिला-एक नदी योजना के तहत विभिन्न जिलों में चिह्नित नदियों के पुनरुद्धार के लिए विस्तृत कार्ययेाजनाएं तैयार की गई हैं।उन्होने जलस्रोतों व नदी पुनर्जीवन से जुड़े सभी रेखीय विभागों को समन्वित रूप से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि कार्ययोजनाओं में जलागम से जुड़े ऐसे कार्यों को प्रमुखता दी जानी चाहिए, जिनसे अधिकाधिक वर्षाजल संरक्षण हो। उन्होंने पारंपरिक नौलों व धारों को पुनर्जीवीकरण के लिए चिहि्नत करने के भी निर्देश दिए।
गडूल नदी की कार्ययोजना का लिया संज्ञान
जलागम सचिव ने सौंग की सहायक गडूल नदी की कार्ययोजना का संज्ञान लेते हुए कहा कि सौंग नदी देहरादून को 60 प्रतिशत जलापूर्ति करती है। इसके संपूर्ण जलागम क्षेत्र में कार्य होने हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी रेखीय विभाग इसके लिए मिलकर कार्य करें। उन्होंने पिथौरागढ़ में हेलीपोर्ट के नजदीकी क्षेत्रों में सतही अपवाह के दृष्टिगत कार्ययोजना बनाने को भी कहा।चंद्रभागा के लिए 1.66 करोड़ मंजूर,बैठक में सारा की अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी कहकशां नसीम ने जानकारी दी कि चमोली जिले की चंद्रभागा नदी के लिए 1.66 करोड़ की योजना को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा ऊधम सिंह नगर व नैनीताल जिलों में भूजल रिचार्ज के लिए रिचार्ज शाफ्ट निर्माण को 40 प्रतिशत बजट दिया जा चुका है।
