उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

फैसले को लेने की वजह बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को अलग राज्य बनाने के लिए आंदोलन करने वाले राज्य के नागरिकों को एक बड़ी खुशखबरी दी। इस दौरान उन्होंने पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को मिल रही पेंशन की राशि में 1 हजार रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक की मासिक वृद्धि कर दी।इस बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के दौरान सात दिन के लिए जेल गए या घायल हुए आंदोलनकारियों को अब मासिक रूप से 6000 रुपए की बजाय 7000 रुपए की पेंशन मिला करेगी, वहीं इस श्रेणी के अलावा अन्य श्रेणी में आने वाले और अलग राज्य के लिए संघर्ष करने वाले अन्य आंदोलनकारियों की पेंशन भी 4500 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रतिमाह कर दी गई है।अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा राज्य आंदोलन के दौरान विकलांग हुए, पूर्ण रूप से बिस्तर पर रहने वाले आंदोलनकारियों की विशेष पेंशन को भी 20,000 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलन में जान गंवाने वाले आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन को भी 3000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए महीना कर दिया गया है।इस फैसले को लेने की वजह बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘यह निर्णय आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है।
‘आंदोलनकारियों की पेंशन में 1,000 से 10,000 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
जेल गए या घायल आंदोलनकारियों को 7,000 रुपए की पेंशन मिलेगी।
राज्य आंदोलन में विकलांग हुए लोगों की पेंशन 30,000 रुपए तक पहुंची।
