उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है।उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए सभी विभागों और कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आदेश जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि एक अप्रैल के बाद सभी सरकारी कार्य केवल ई-आफिस के माध्यम से ही किए जाएंगे।प्रदेश सरकार सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू कर चुकी है। अभी स्थिति यह है कि वर्तमान में चिह्नित 961 राजकीय कार्यालयों में से 845 को ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है। बावजूद इसके कई विभागों में अब भी पारंपरिक फाइल प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, जिसे लेकर शासन ने नाराजगी जताई है।मुख्य सचिव ने सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों व विभागों को दिए गए निर्देशों में स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद किसी भी प्रकार की ऑफलाइन फाइल या पत्राचार शासन स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों में ई-आफिस का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।मुख्य सचिव ने कहा है कि जल्द ही ई-ऑफिस के उपयोग की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवश्यक प्रशिक्षण और व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि डिजिटल प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
