उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
देहरादून में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी शांतनु और कविश त्यागी अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।आपसी विवाद में रिटायर्ड ब्रिगेडियर के सीने पर गोली मारने वाले शांतनु व कविश त्यागी का अभी तक पता नहीं लग पाया है। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई है।शांतनु मूल रूप से सहारनपुर जबकि कविश त्यागी मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। दोनों पूर्व में राजपुर रोड स्थित कालेज से पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन फेल होने के बाद उन्होंने देहरादून में ही अपना ठिकाना बना बना दिया।इस घटना में शामिल आरोपित समीर चौधरी निवासी मंगलौर हरिद्वार को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। इससे पहले गुट में शामिल आदित्य चौधरी निवासी ननूरखेडा नालापानी, रायपुर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।पूछताछ में सामने आया है कि घटना के समय आदित्य चौधरी वाहन चला रहा था जबकि आरोपित शांतनु त्यागी, कविश त्यागी व वैभव पीछे बैठे हुए थे। आरोपित अभी एक दूसरे से जान पहचान होने से इनकार कर रहे हैं। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही असली कहानी सामने आ सके।आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते आए हैं पूर्व छात्र,दून में आपराधिक घटनाओं में शामिल कई पूर्व छात्रों के नाम सामने आ चुके हैं। अब पुलिस ऐसे छात्रों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है, जिनका पढ़ाई के दौरान आपराधिक रिकार्ड रहा है। प्रेमनगर में बीटेक के छात्र की हत्या के मामले में भी पूर्व छात्रों का नाम सामने आया है।पुरानी रंजिश के चलते पढ़ने वाले छात्रों ने अपने परिचित पूर्व छात्रों को दून बुलाया और घटना को अंजाम दिया। इससे पहले भी प्रेमनगर में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें सीधे तौर पर पूर्व छात्रों का हाथ सामने आया है। प्रेमनगर व क्लेमेनटाउन ऐसे गढ़ हैं, जहां पर पूर्व छात्र अपने दोस्तों के साथ रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
