उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
पर्यटन सीजन से पहले झील की यह स्थिति स्थानीय कारोबारियों के लिए भी चिंता का कारण बन गई है. हर साल लाखों पर्यटक नैनीताल पहुंचते हैं और यदि जल संकट गहराता है, तो इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन गतिविधियों पर पड़ सकता है.उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसी नैनीताल की पहचान उसकी जीवनरेखा मानी जाने वाली नैनी झील इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रही है. हालात यह हैं कि गर्मियों की शुरुआत से पहले ही झील का जलस्तर तेजी से घट गया है और किनारों पर डेल्टा साफ दिखाई देने लगे हैं. यह स्थिति न केवल स्थानीय लोगों बल्कि प्रशासन और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है.सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस समय झील का जलस्तर करीब 80 फीट 8 इंच दर्ज किया गया है, जो पिछले 5 वर्षों में सबसे कम है. तुलना करें तो वर्ष 2022 में झील का जलस्तर 84 फीट था, 2023 में 81 फीट 11 इंच, 2024 में 81 फीट 1 इंच और 2025 में 80 फीट 10 इंच रिकॉर्ड किया गया था. ऐसे में इस साल की गिरावट लगातार बिगड़ते हालात की ओर इशारा कर रही है.
