उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है, लेकिन मौसम की दुश्वारियां कम नहीं हो रही। इस वक्त जहां बर्फ पिघलनी शुरू हो जाती थी। बर्फबारी का दौर जारी है। केदारनाथ और हेमकुंड में बर्फ की मोटी चादर जमा है।उत्तराखंड में इस बार अप्रैल का महीना सामान्य मौसमीय प्रवृत्ति से हटकर रह रहा है। लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के चलते उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी से चारधाम यात्रा की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। उत्तराखंड में आमतौर पर अप्रैल में बर्फ पिघलने लगती है और चारधाम यात्रा के क्रम में विभिन्न विभाग अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देते हैं। इस बार हालात अलग हैं। गढ़वाल मंडल के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और ठंड ने यात्रा की तैयारियों की रफ्तार को धीमा कर दिया है। ऐसे में अप्रैल ‘तैयारियों का महीना’ कम और ‘चुनौतियों का महीना’ ज्यादा साबित हो रहा है।यात्रा की तैयारियों में जुटी सरकारी मशीनरी को केदारनाथ मंदिर परिसर और रास्तों से बर्फ हटाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यमुनोत्री में भी निर्माण कार्यों पर असर पड़ रहा है। बदरीनाथ-गंगोत्री में व्यवसायी भी यात्रा की तैयारियां पूरी नहीं कर पा रहे हैं।केदारनाथ में बर्फ की मोटी चादर,केदारनाथ रूट पर लोक निर्माण विभाग, गुप्तकाशी की टीम पैदल मार्ग से बर्फ हटाने में जुटी है। मंदिर परिसर से भी बर्फ साफ की जा रही है। इस दौरान फिर हिमपात होने से हालात सामान्य नहीं हो पा रहे हैं। मजदूरों को काम करने में परेशानी हो रही है। कई जगह पाइप लाइनें बर्फ में दब गई हैं, जिससे पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं हो पा रही है। संचार और विद्युत विभाग को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घोड़े-खच्चरों के माध्यम से सामान ढुलाई में भी बर्फबारी बाधा पैदा कर रही है। इन परिस्थितियों के बीच रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा लगातार मॉनीटरिंग करते हुए काम पूर कराने में लगे हुए हैं। केदारनाथ में रविवार दोपहर बाद फिर बर्फबारी हुई।बदरीनाथ में भी बर्फबारी का दौर,उधर, बदरीनाथ की पहाड़ियों पर भी बर्फबारी का दौर जारी है। पिछले 15 दिनों से जोशीमठ, बदरीनाथ, हेमकुंड, फूलों की घाटी, स्वर्गारोहिणी, कुवांरी पास, औली में बारिश-बर्फबारी हो रही है। इससे यात्रा की तैयारियों में दिक्कतें आ रही हैं। उधर, जोशीमठ होटल एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश रंजन का कहना है कि मौसम साफ रहता तो अभी तक होटल व्यवसायी अपने होटलों का रंगरोगन शुरू करा देते, लेकिन कड़ाके की ठंड और बर्फबारी से काम शुरू ही नहीं हो पाया है। बदरीनाथ पहुंचे अग्रिम दल ने भी अभी काम शुरू नहीं किया है।हेमकुंड में 6 फीट बर्फ जमाहेमकुंड साहब में अभी भी 6 फीट तक बर्फ मौजूद है तो वही हेमकुंड से पहले 5 किलोमीटर के मार्ग में लगभग चार से पांच फीट बर्फ मौजूद है पैदल यात्रा मार्ग के अटलाकोटी में 10 फीट से अधिक मोटा ग्लेशियर पसरा हुआ है!
