उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
ऑस्ट्रेलिया के 125 साल के इतिहास में पहली महिला सेना प्रमुख बनने वाली सुसॉन कॉयल की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और मजबूत नेतृत्व की मिसाल है। उनकी जिंदगी के छोटे-छोटे नियम और बड़े फैसले उन्हें बाकी से अलग बनाते हैं।सुसॉन कॉयल का जीवन बेहद अनुशासित है। वे आज भी अपने जूते खुद पॉलिश करती हैं, ताकि उन्हें अनुशासन की याद बनी रहे। घर पर परिवार के साथ रहने के दौरान वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करतीं और किसी भी बड़े फैसले को गुस्से या बहुत ज्यादा खुशी में लेने से बचती हैं।वे बताती हैं कि ऐसे समय में वे 24 घंटे का ‘कूलिंग पीरियड’ रखती हैं, ताकि सोच-समझकर सही निर्णय लिया जा सके। खाली समय में उन्हें किताबें पढ़ना, म्यूजिकल थिएटर देखना और हेडफोन पर हिस्ट्री ऑडियोबुक सुनना पसंद है।
सेना में बनाया खास मुकाम
सुसॉन कॉयल का जन्म 21 मई 1970 को ऑस्ट्रेलिया के क्योगल में हुआ था। उनके पिता इंजीनियर थे और परिवार को अक्सर अलग-अलग जगहों पर रहना पड़ता था, जिससे उनमें घुमक्कड़ी और मजबूत स्वभाव विकसित हुआ।उन्होंने 1987 में सिर्फ 17 साल की उम्र में आर्मी रिजर्व जॉइन की। उस समय सेना में महिलाओं की संख्या बहुत कम थी। अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर उन्होंने धीरे-धीरे ऊंचे पद हासिल किए। 2020 में वे मिडिल ईस्ट में जॉइंट टास्क फोर्स 633 की पहली महिला कमांडर बनीं और अब ऑस्ट्रेलिया की सेना प्रमुख बनकर इतिहास रच दिया है।
