उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
फ्लैट न देने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने रियल एस्टेट कंपनी एसीई हाउसिंग डेवलपमेंट और उसके निदेशकों को शिकायतकर्ता को जमा धनराशि सवा छह लाख रुपए मय ब्याज लौटाने का आदेश दिया है।गाजियाबाद निवासी अपूराय ने 2013 में एसीई हाउसिंग डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड और उसके निर्देशको के खिलाफ आयोग में एक शिकायत दाखिल की थी। बताया कि एसीई अनंदिका हाईट्स प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक कराया था। आरोप था कि उसने कुल 6.23 लाख रुपये जमा किए थे। लेकिन निर्धारित तीन वर्षों की अवधि (वर्ष 2017) बीत जाने के बाद भी फ्लैट का निर्माण नहीं हुआ।कंपनी फ्लैट का कब्जा देने में विफल रही ।विपक्षी कंपनी ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता ने केवल 4,04,645 रुपये ही जमा किए थे । आयोग ने साक्ष्यों की जांच के बाद पाया कि सभी रसीदें एसीई ग्रुप के विभिन्न अधिकृत प्रतिनिधियों की ओर से जारी की गई थीं। आयोग ने इसे उपभोक्ता को भ्रमित करने और धनराशि वापस न देने की कोशिश करना पाया।आयोग के अध्यक्ष गगन कुमार गुप्ता, सदस्य डॉ. अमरेश रावत और रंजना गोयल ने विपक्षियों को 45 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता की ओर से जमा पूरी धनराशि 6.23 लाख रुपये मय सात फीसद साधारण वार्षिक ब्याज व मानसिक पीड़ा और आर्थिक संताप के लिए एक लाख रुपये का भुगतान करने और मुकदमे के खर्च के रूप में 25,000 रुपये अलग से देने के आदेश दिए हैं।
