उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
अंतर्विषयक शिक्षा, ट्रांसलेशनल रिसर्च, क्लिनिकल एक्सपोज़र और स्वास्थ्य सेवा नवाचार को मिलेगा बढ़ावा,
देहरादून, 13 मई 2026: यूपीईएस और देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) ने अंतर्विषयक शिक्षा, स्वास्थ्य अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-उन्मुख शिक्षण को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता, संसाधनों और अधोसंरचना का लाभ उठाकर एक मजबूत शैक्षणिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है, जिससे छात्रों के सीखने के परिणाम, ट्रांसलेशनल रिसर्च और स्वास्थ्य सेवा नवाचार को बढ़ावा मिल सके।एसजीआरआरयू के अंतर्गत संचालित श्री महंत इंद्रेश अस्पताल (एसएमआईएच), 1250 बेड वाला बहु-विशेषता तृतीयक चिकित्सा अस्पताल है, जो श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (एसजीआरआरआईएमएचएस) का शिक्षण अस्पताल भी है। यह अस्पताल उन्नत क्लिनिकल एक्सपोज़र, मरीज देखभाल सुविधाएँ और चिकित्सा अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराता है, जिससे यह उत्तराखंड के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल है।इस सहयोग के माध्यम से दोनों संस्थानों के छात्र और फैकल्टी सदस्य साझा शैक्षणिक विशेषज्ञता, प्रयोगशाला अधोसंरचना, क्लिनिकल सुविधाओं और अनुभवात्मक शिक्षण अवसरों का लाभ उठा सकेंगे। यह एमओयू संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, फैकल्टी और छात्र विनिमय कार्यक्रमों, इंटर्नशिप, क्लिनिकल प्रशिक्षण, संयुक्त कार्यशालाओं एवं सेमिनारों तथा अनुसंधान उद्देश्यों के लिए स्वास्थ्य सेवा आँकड़ों तक पहुँच को प्रोत्साहित करेगा।यह साझेदारी स्वास्थ्य विज्ञान, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, मैनेजमेंट, मनोविज्ञान, पब्लिक हेल्थ और अन्य संबद्ध क्षेत्रों के छात्रों को अंतर्विषयक और अनुप्रयोग-आधारित शिक्षण के अवसर प्रदान करेगी।इस अवसर पर यूपीईएस के कुलपति डॉ. सुनील राय ने कहा, “स्वास्थ्य सेवा का भविष्य तकनीक, कंप्यूटर साइंस, एआई, अनुसंधान और मरीज-केंद्रित नवाचार के संगम में निहित है। एसजीआरआरयू के साथ यह साझेदारी हमारी उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके माध्यम से हम ऐसे अंतर्विषयक इकोसिस्टम का निर्माण करना चाहते हैं, जो छात्रों को नवाचार, अनुसंधान और अनुभवात्मक शिक्षण के जरिए वास्तविक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने के लिए तैयार करे।”एसजीआरआरयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा, “एसजीआरआरयू और यूपीईएस के बीच यह सहयोग शैक्षणिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में सार्थक तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मेडिकल साइंस, तकनीक और अनुसंधान को साथ लाकर हम ऐसे प्रभावशाली समाधान विकसित करना चाहते हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, कौशल संवर्धन और सामुदायिक कल्याण में योगदान दें।”दोनों संस्थानों ने डिजिटल हेल्थ, प्रिसीजन मेडिसिन, हेल्थकेयर एनालिटिक्स, मेडिकल टेक्नोलॉजी इनोवेशन और सामुदायिक स्वास्थ्य आउटरीच कार्यक्रमों से जुड़े संयुक्त प्रयास विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। यह एमओयू अनुवादात्मक स्वास्थ्य सेवा समाधान के लिए नए अवसर सृजित करेगा और क्षेत्र के शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी सदस्य और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने this पहल को शैक्षणिक उत्कृष्टता, सहयोगात्मक विकास और स्वास्थ्य सेवा नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक कदम बताया।
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