उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
घर-आंगन के साथ बगीचे में आसानी से उगाए जाने वाले सदाबहार का पौधा 12 महीने तक हरा रहता है. इसलिए, इसे सदाबहार भी कहते हैं. वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति के अनुसार इसमें कई ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं. जिनका उपयोग दवाओं के निर्माण में भी किया जाता है. सदाबहार के पौधे में भरपूर औषधिय गुण मौजूद रहते हैं. डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मददगार है. सदाबहार कैंसर से लड़ने में भी सहायक है. इसकी पत्तियों को पीसकर लगाने से दाद, खाज और खुजली और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है. इस पौधे के हर हिस्से को अलग-अलग तरीके से उपयोग में ला सकते हैं.सदाबहार का फूल लगभग हर घर, बगीचे और पार्क में आसानी से देखने को मिल जाता है. यह पौधा अपने सुंदर गुलाबी, सफेद और बैंगनी फूलों के कारण लोगों को आकर्षित करता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सदाबहार सिर्फ सजावटी पौधा ही नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर माना जाता है. आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसका उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है.
