उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो
उत्तराखण्ड क्रांति दल (यू.के.डी.) ने प्रदेश के युवाओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता के प्रश्न को सदैव सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। प्रदेश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक प्रकरणों ने लाखों मेहनती एवं प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाना उत्तराखण्ड क्रांति दल की प्रतिबद्धता आत्मसम्मान का विषय है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड क्रांति दल दिनांक 03 मई 2026, नीट के पेपर लीक के बाद से ही केन्द सरकार का विरोध और केन्द्रीय षिक्षामंत्री धमेंन्द्र प्रधान के इस्तीफे की लगातार मॉंग कर रहा है। आम जन के साथ सरकार द्वारा सोनम वांगचुक को जबरन अनैतिक ढंग से धरना स्थल से उठाना तथा गॉंधीवादी तरीके से धरना दे रहे बेगुनाह छात्रों पर लाठी चार्ज एवं अत्याचार करने का घोर विरोध करता है ।
इसी क्रम में पेपर लीक प्रकरण में छात्रों के हितों एवं उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु माननीय सर्वाेच्च न्यायालय में उत्तराखण्ड क्रांति दल की ओर से अधिवक्ता श्री राकेश बिंजोला प्रभारी विधी प्रकोष्ठ “उक्रांद प्रभावी ढंग से पैरवी कर रहें हैं। दल का मानना है कि यह केवल एक न्यायिक लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे ददेश एवं उत्तराखण्ड के युवाओं के भविष्य, विश्वास और सम्मान की रक्षा का प्रश्न है।उत्तराखण्ड क्रांति दल का स्पष्ट मत है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। दोषियों को कठोर दंड, भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता तथा भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा उक्रांद “देश – प्रदेश के सभी युवाओं एवं अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाता है, कि उनके अधिकारों और न्याय की इस लड़ाई में उत्तराखण्ड क्रांति दल हर स्तर पर उनके साथ खड़ा है, तथा आवश्यकता पड़ने पर संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से उनका पक्ष मजबूती से उठाता रहेगा।
