उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
अथर्व जगताप नाम के NEET छात्र के अनुसार उसकी OMR शीट के हिसाब से उसे 597 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन उसके स्कोरकार्ड में केवल 45 अंक आए हैं। सोहम गवते नामक छात्र के ओएमआर के अनुसार 522 अंक बन रहे थे, लेकिन रिजल्ट में उसे सिर्फ 95 अंक दिए गए हैं।नीट यूजी 2026 रिजल्ट में कथित गड़बड़ी को लेकर दाखिला की गई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तीन नीट यूजी 2026 अभ्यर्थियों की ऑरिजनल ओएमआर शीट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार और एग्जाम आयोजित करने वाली परीक्षा एजेंसी NTA को भी नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा है। इन उम्मीदवारों ने अपने रिजल्ट को अदालत में चुनौती दी है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा के इन छात्रों ने दावा किया है कि उनके OMR रिस्पॉन्स और स्कोरकार्ड में दिखाए गए मार्क्स में बड़ी गड़बड़ी है। ओएमआर से बन रहे मार्क्स और रिजल्ट के मार्क्स मेल नहीं खाते।न्यायमूर्ति नितिन सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति अभासाहेब शिंदे की खंडपीठ ने मामले में नोटिस जारी करते हुए NTA को 30 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान संबंधित छात्रों की ऑरिजनल OMR शीट और रिकॉर्ड अदालत में पेश करने का आदेश दिया। सरकार की ओर से पेश उप सॉलिसिटर जनरल अजय तल्हार ने बताया कि हाईकोर्ट ने NTA को 30 जुलाई तक इन छात्रों के ओरिजिनल रिकॉर्ड तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
किन छात्रों ने दायर की याचिकाएं
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ये याचिकाएं छत्रपति संभाजीनगर की ऋचा प्रफुल्ल देशपांडे, बीड जिले के सोहम नितिन गावटे और धुले जिले के अथर्व जगताप ने दायर की हैं। तीनों छात्रों ने आरोप लगाया है कि NTA द्वारा घोषित मार्क्स, उनकी OMR शीट की ऑफिशियल आंसर-की से तुलना करने के बाद उनके द्वारा कैलकुलेट किए गए स्कोर से मेल नहीं खाते हैं और उन्होंने अपनी ओरिजिनल आंसर शीट के वेरिफिकेशन की मांग की है।
NTA ने कोई जवाब नहीं दिया
ऋचा देशपांडे की ओर से पेश हुए वकील अमित यादकीकर (जिन्हें वकील स्नेहा यादकीकर और प्रसन्ना जरारे ने असिस्ट किया) ने बताया कि 17 साल की उम्मीदवार ने 13 जुलाई को NTA पोर्टल पर अपनी स्कैन की हुई OMR शीट देखी और पाया कि यह 21 जून को हुए री-टेस्ट में उसके परफॉर्मेंस के हिसाब से सही थी। हालांकि, 15 जुलाई को NTA द्वारा ईमेल की गई OMR शीट पोर्टल पर मौजूद वर्जन से अलग थी। नतीजे घोषित होने से पहले शिकायत दर्ज कराने के बावजूद NTA ने कथित तौर पर कोई जवाब नहीं दिया और विवादित रिकॉर्ड के आधार पर 16 जुलाई को नतीजा घोषित कर दिया। याचिका में ओरिजिनल फिजिकल OMR शीट पेश करने और सही रिकॉर्ड के आधार पर नतीजे में सुधार करने की मांग की गई है।सोहम गावटे को 522 की जगह मिले 95 अंक सोहम गावटे की ओर से पेश हुए वकील सुदर्शन सालुंखे और महेंद्र गांडले ने कोर्ट को बताया कि उनकी OMR शीट और ऑफिशियल आंसर की के अनुसार उन्हें 522 मार्क्स मिलने चाहिए थे, लेकिन उनके स्कोरकार्ड में केवल 95 मार्क्स दिखाए गए। उन्होंने कहा कि छात्र ने 17 से 19 जुलाई के बीच NTA को कई बार ईमेल करके सुधार की मांग की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
अथर्व जगताप को मिले 597 की जगह मिले 45
अथर्व जगताप की ओर से पेश वकील नरेंद्र सोनवणे ने बताया कि 14 जुलाई को ईमेल से मिली छात्र की OMR शीट के अनुसार उसे 597 अंक मिलने चाहिए थे। हालांकि, उसके स्कोरकार्ड में केवल 45 अंक दिखाए गए। याचिका में यह भी दावा किया गया कि जारी किए गए स्कोरकार्ड के आधार पर कैलकुलेट करने पर भी 61 अंक बनते हैं, जिससे साफ तौर पर किसी गलती का संकेत मिलता है। याचिका में कहा गया है कि NTA की शिकायत निवारण प्रणाली के जरिए संपर्क करने के बावजूद यह मामला अनसुलझा ही रहा!
30 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
केंद्र सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता रोहित सर्वदन्य भी दो याचिकाओं में उपस्थित हुए। अब मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी, जब NTA को तीनों छात्रों की मूल OMR शीट और अन्य रिकॉर्ड अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। अदालत इन्हीं मूल दस्तावेजों के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी।
