उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
*दिये गये निर्देशों पर यथोचित कार्यवाही करने हेतु अधीनस्थों को दिये गये आवश्यक दिशा-निर्देश।*
जनपद रुद्रप्रयाग में अपराध नियंत्रण, लम्बित मामलों के त्वरित निस्तारण, आगामी कांवड़ मेले के कुशल प्रबंधन और जन-जागरुकता को गति देने के उद्देश्य से पुलिस कार्यालय सभागार, रुद्रप्रयाग में पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक में जिला अभियोजन निदेशालय, समस्त कोतवाली व शाखा प्रभारियों तथा विवेचकों ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी के दौरान जनपद की कानून-व्यवस्था, डिजिटल पुलिसिंग, सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय समन्वय से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुए अधीनस्थों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
समीक्षा बैठक के प्रमुख बिंदु एवं आवश्यक दिशा-निर्देश
1 – विवेचनात्मक गुणवत्ता एवं समयबद्ध निस्तारण
• सहायक निदेशक (जनपदीय अभियोजन) ने उपस्थित विवेचकों को विवेचना की कमियों की ओर ध्यान दिलाते हुए सुधार की अपेक्षा रखी गयी।
• एसपी रुद्रप्रयाग ने 60/90 दिवस से अधिक लम्बित मामलों और पार्ट-पेंडिंग विवेचनाओं का प्राथमिकता से त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
• प्रचलित ऑपरेशन प्रहार के तहत सत्यापन और धर-पकड़ अभियान तेज करने को कहा गया।
2 – डिजिटल पुलिसिंग और पोर्टल मॉनिटरिंग
• ई-साक्ष्य, ई-सम्मन, नेटग्रिड, एनसीआरपी, सीईआईआर पोर्टल, निदान, सीसीटीएनएस, ई-बीट बुक और ई-साइन जैसे आधुनिक डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग की समीक्षा की गई।
• एमआरएम, जीआरएम, समन्वय व सहयोग पोर्टल इन पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों व संदर्भों का अद्यतन प्रविष्टियों के साथ समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण व विधिसम्मत निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
3 – प्रगति डैशबोर्ड एवं सीएम हैल्पलाइन पोर्टल
• सीएम पोर्टल हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए लम्बित शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण करने तथा शिकायतकर्ताओं के साथ शालीनता से वार्ता करने के निर्देश दिये गये।
• प्रगति डैशबोर्ड (सीसीटीएनएस पोर्टल) पर लम्बित प्रकरणों की नियमित मॉनीटरिंग कर त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
4 – आपदा प्रबंधन एवं हाई अलर्ट
• वर्तमान समय में जनपद में हो रही भारी वर्षा एवं भूस्खलन की सम्भावना को देखते हुए सभी कोतवाली प्रभारियों को हाई अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए।
• आपदा राहत उपकरणों को 24×7 क्रियाशील रखने तथा जनपद में मौजूद एसडीआरएफ, फायर सर्विस व आपदा प्रबन्धन विभागों के साथ समन्वय बनाकर त्वरित राहत-बचाव कार्य हेतु तैयारी की दशा में रहने के निर्देश दिये गये।
• संवेदनशील स्थानों और राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी कर मार्ग अवरुद्ध होने पर सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर उन्हें प्राथमिकता से खुलवाने के निर्देश दिए गए।
5 – महिला सुरक्षा, नशा-मुक्ति एवं सामाजिक सरोकार
• सभी प्रभारियों को महिला सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए हर शिकायत पर संवेदनशील व त्वरित कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
• नशा कारोबारियों के विरुद्ध एनडीपीएस तथा आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।
• एकल निवासरत वरिष्ठ नागरिकों के आवासों पर नियमित भ्रमण कर सुरक्षा देने, गुमशुदा महिलाओं/बालिकाओं की शीघ्र खोजबीन करने और अज्ञात शवों की शिनाख्त के प्रयासों को तेज करने के निर्देश दिए गए।
• सभी कोतवालियों पर लम्बित मालों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
6 – कांवड़ मेला, यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था
• आगामी कांवड़ मेले के दौरान जनपद क्षेत्रान्तर्गत आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और निर्विघ्न यात्रा सम्पन्न कराने के लिए यातायात निरीक्षक एवं कोतवाली प्रभारियों को धरातलीय कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
• मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सघन चालानी कार्यवाही तथा आवश्यकतानुसार वाहन सीज करने का निर्देश दिया गया।
7 – पुलिस कार्मिकों का एसीआर एवं प्रशिक्षण
• उपस्थित सभी प्रभारियों को अधीनस्थ कार्मिकों का समयबद्ध वार्षिक मूल्यांकन (एसीआर) पूर्ण किये जाने, मुख्यालय के निर्देशों पर नये कानूनी प्रावधानों सम्बन्धी रिफ्रैशर प्रशिक्षणों को पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये।
आयोजित हुई मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी अवसर पर सहायक निदेशक अभियोजन ऋचा कोटियाल, एसएचओ रुद्रप्रयाग मुकेश चौहान, एसएचओ अगस्त्यमुनि गुमान सिंह, एसएचओ ऊखीमठ मनोज नेगी, एसएचओ गुप्तकाशी राकेश कुमार, एसएचओ सोनप्रयाग सुरेश चन्द्र बलूनी, प्रभारी साइबर सेल मनोज रावत, निरीक्षक स्थानीय अभिसूचना इकाई सन्तोष भट्ट सहित समस्त चौकी प्रभारी व विवेचक उपस्थित रहे।
