उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
याचिकाकर्ता ने 2023 में विजिलेंस में पीडब्ल्यूडी से सेवानिवृत्त इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच की मांग की थी,
नैनीताल:उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त इंजीनियर के पास आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में सुनवाई की. याचिकाकर्ता के द्वारा विजिलेंस को की गयी शिकायत की वर्तमान स्थिति के बारे में विजिलेंस द्वारा अभी तक उन्हें अवगत नहीं कराये जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर ये सुनवाई हुई,PWD के रिटायर्ड इंजीनियर पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप:मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि याचिकाकर्ता की शिकायत की वर्तमान स्थिति क्या है. इस बारे में दो सप्ताह के भीतर कोर्ट को अवगत कराएं. मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह बाद की तिथि नियत की है.याचिकाकर्ता का आरोप दो साल बाद भी नहीं दी जा रही सूचना:बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कोर्ट ने 1 अप्रैल 2024 को राज्य सरकार से पूछा था कि उनकी शिकायत कि वर्तमान स्थिति क्या है, कोर्ट को बताएं. परन्तु दो साल बीत गए, अभी तक सरकार की तरफ से उन्हें कोई सूचना नही दी गयी.याचिकाकर्ता ने विजिलेंस को की थी शिकायत:मामले के अनुसार देहरादून निवासी जितेंद्र सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उनके द्वारा विजिलेंस को 11अक्टूबर 2023 को शिकायत कि गई थी कि लोक निर्माण से सेवानिवृत्त एक इंजीनियर ने आय से अधिक सम्पति अर्जित की है. इसलिए मामले की जांच कराई जाए. विजिलेंस ने उनकी उक्त शिकायत पर आज तक उन्हें कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई. न ही यह बताया कि उनकी शिकायत कि वर्तमान स्थिति क्या है.हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब:जितेंद्र ने कहा कि सूचना प्राप्त करने के लिए उनके द्वारा विजिलेंस विभाग से आरटीआई मांगी गयी. लेकिन उन्हें आरटीआई यह कहते हुए नहीं दी गयी कि वे सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 24(2) के तहत सूचना देने के लिए बाध्य नहीं हैं. इसलिए सूचना नहीं दी जा सकती है. याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में पूछा है कि उनकी शिकायत पर विजिलेंस ने क्या किया, और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है, उससे अवगत कराएं. इस पर हाईकोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से जवाब मांगा.
