उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
देहरादून, अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ, उत्तराखंड का प्रांतीय एवं जिला सम्मेलन तथा शैक्षिक विचार गोष्ठी हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज, लक्ष्मण चौक, देहरादून में आयोजित की गई। सम्मेलन का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि एवं मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में उपाध्यक्ष, युवा कल्याण राज्य मंत्री कुंदन लटवाल तथा पूर्व महापौर देहरादून सुनील उनियाल गामा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।शैक्षिक विचार गोष्ठी के दौरान SCERT के विषय विशेषज्ञ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इसके उद्देश्यों, महत्ता तथा प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर चर्चा की।मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि राज्य मंत्री कुंदन लटवाल ने मुख्यमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया। संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रभावी क्रियान्वयन, उसकी चुनौतियों एवं उनके समाधान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है और इस आधारशिला को मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक, समावेशी एवं रोजगारमुखी बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, उनकी रचनात्मक क्षमता एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके सफल क्रियान्वयन में सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष संजय बिजलवाण एवं प्रांतीय महामंत्री महादेव मैठाणी ने कहा कि अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को संकलित कर माननीय मुख्यमंत्री एवं संबंधित शिक्षा मंत्रियों के समक्ष रखा जाएगा तथा उनके निराकरण के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि राज्य मंत्री कुंदन लटवाल ने मुख्यमंत्री की ओर से शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी माध्यम से संगठन के पदाधिकारियों, विभागीय अधिकारियों एवं शासन के प्रतिनिधियों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित कराई जाएगी, ताकि अशासकीय विद्यालयों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व महापौर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि अशासकीय विद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी निष्ठा और तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। यही कारण है कि इन विद्यालयों का शैक्षिक परिणाम सदैव उत्कृष्ट रहता है। उन्होंने अशासकीय विद्यालयों की समस्याओं के निस्तारण के लिए शासन स्तर पर वार्ता का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का संचालन सम्मेलन के संयोजक एवं जिला अध्यक्ष अनिल कुमार नौटियाल ने किया।
सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से संघ की नई प्रांतीय कार्यकारिणी का चयन किया गया :
-प्रांतीय अध्यक्ष: श्री अनिल नौटियाल जी
-प्रांतीय महामंत्री: श्री महादेव मैठाणी जी
-प्रांतीय कोषाध्यक्ष: श्री मनमोहन सिंह नेगी जी को निर्वाचित किया गया |
इसी क्रम में देहरादून जनपद की भी कार्यकारिणी की घोषणा की गई जिसमें सर्वसम्मति से जिला अध्यक्ष दिनेश डोबरियाल को, जिला महामंत्री श्री महावीर सिंह मेहता को व जिला कोषाध्यक्ष गिरीश सेमवाल को निर्वाचित किया गया |सम्मेलन के अंत मे पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष स्वर्गीय श्री राजे सिंह नेगी जी को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी |सम्मेलन में प्रांतीय संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष प्रदीप डबराल, जयप्रकाश बहुगुणा, चिंतामणि सेमवाल, राजेंद्र कुकरेती, मंडलीय अध्यक्ष शिव सिंह रावत, मंडलीय मंत्री बाल मनोज रावत, कुमाऊँ मंडल महामंत्री महेंद्र सिंह मेहरा, प्रांतीय उपाध्यक्ष पूरन सिंह फरसवांणएवं दीपक मिश्रा निठानी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष मनमोहन सिंह नेगी, आर.सी. शर्मा, प्रांतीय मंत्री कपूर सिंह पवार, सुनील पैन्युली, सुरेंद्र कुमार सहगल, नरेश कोटला, महावीर सिंह मेहता, नीरज वर्मा, मनमोहन सिंह रौतेला, विजय भट्ट, सुनील धस्माना, आशीष नेगी, धनंजय उनियाल, अंबिका गैरोला, वीरेंद्र मुंडेपी सहित प्रदेश के सभी जनपदों के जिला अध्यक्ष, जिला मंत्री, जिला कोषाध्यक्ष, मंडल एवं जनपदों के पदाधिकारी तथा प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।सम्मेलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों से जुड़े विभिन्न शैक्षिक एवं सेवा संबंधी विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
