
उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
30 नवंबर तक चलेगा विशेष अभियान, आशा और एएनएम सहित स्वास्थ्यकर्मी करेंगे नागरिकों से संपर्क
1.88 लाख से अधिक लोगों की बन चुकी है आभा आईडी, शेष पात्र नागरिकों के पंजीकरण पर रहेगा जोर
जनपद में शत-प्रतिशत पात्र नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग 26 अक्टूबर से घर-घर आभा आईडी निर्माण अभियान शुरू करेगा। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में संचालित होने वाला यह विशेष अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के सफल संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने के लिए 14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान यानी आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) आईडी बनाई जा रही है। जनपद में अब तक निर्धारित 2,79,240 के लक्ष्य के सापेक्ष 1,88,405 आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। शेष पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को आभा आईडी के महत्व की जानकारी देने के साथ ही पंजीकरण में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए आशा कार्यकत्रियों, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और अन्य फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मदद से घर-घर संपर्क किया जाएगा। स्वास्थ्यकर्मी नागरिकों को आभा आईडी के लाभ समझाने के साथ पंजीकरण प्रक्रिया में भी सहयोग करेंगे।
दैनिक प्रगति की होगी निगरानी
सीएमओ ने जनपद के सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को 26 अक्टूबर से 30 नवंबर तक अभियान प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा प्रतिदिन की प्रगति की निगरानी और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान की नियमित समीक्षा कर आवश्यकतानुसार कार्ययोजना को प्रभावी बनाया जाएगा।इसके साथ ही ग्राम और वार्ड स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जिला पंचायतीराज अधिकारी तथा नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों से भी सहयोग मांगा गया है। उनसे अपने अधीनस्थ कार्मिकों को अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए निर्देशित करने का अनुरोध किया गया है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि अभियान के दौरान घर पहुंचने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सहयोग करें और अपनी आभा आईडी बनवाने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कराएं, ताकि अधिकाधिक पात्र नागरिक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ सकें।

