उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो

1770 के दशक की जेल में एक कैदी ने दुनिया की पहली टूथब्रश बनाई थी. इन्होंने बाहर आकर कारोबार खोला. यहीं से जानवर के बाल से नायलॉन तक, हड्डी से इलेक्ट्रिक तक, टूथब्रश की पूरी कहानी आश्चर्यजनक और सीखने लायक है. वडोदरा के डेंटल म्यूजियम में सहेजे गए हजारों ब्रश बताते हैं कि रोजमर्रा की सबसे सामान्य चीज के पीछे भी इतिहास छुपा होता है।बाथरूम में रखा टूथब्रश देखकर क्या आपने कभी ये सोचा है कि इसका अविष्कार कब, किसने और कैसे किया होगा. कहीं आपने ये तो नहीं सोचा कि किसी ने बस ऐसे ही एक दिन सोचा होगा और टूथ ब्रश बना दिया होगा. लेकिन नहीं टूथब्रश का इतिहास असल में बहुत रोचक है. ये एक कैदी द्वारा जेल की सेल से बनकर निकला था? इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर डेंटल रिसर्च की बीते हफ्ते दिल्ली में हुई एशिया पेसिफिक रीजनल कॉन्फ्रेंस में ब्रश के इतिहास से दुनिया के कई हिस्सों से आए रिसर्चर्स रूबरू हुए।
