उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
देहरादून! जिला प्रशासन ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार के लिए बड़ा कदम उठाया है। ऋषिकेश के उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा को भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और पुनर्वास प्रक्रिया को सुचारु बनाने हेतु विशेष मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति परियोजना में तेजी लाएगी, जिससे उत्तराखंड में पर्यटन, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। यह विस्तार लंबे समय से लंबित था।जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा को विशेष मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को इस संबंध में आदेश दिए। एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और पुनर्वास की प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए विशेष मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है।जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार आरएफसीटीएलएआरआर एक्ट-2013 (भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम) के तहत चल रही समस्त कार्रवाई के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी विशेष मजिस्ट्रेट/नोडल अधिकारी की ही होगी।विशेष मजिस्ट्रेट एयरपोर्ट एनवायरनमेंट मैनेजमेंट कमेटी (एईएमसी) सहित सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अंजाम देंगे। तहसील प्रशासन डोईवाला सहित समस्त संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि विशेष मजिस्ट्रेट को आवश्यक अभिलेख, रिपोर्ट और सहयोग समय पर उपलब्ध कराएं। साथ ही नगर निकाय, वन विभाग और अन्य विभागों को भी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी स्तर पर अड़चन न आए।
लंबे समय से लंबित है विस्तार
गौरतलब है कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट का विस्तार लंबे समय से प्रस्तावित है। बढ़ते हवाई यातायात और उत्तराखंड में पर्यटन, चारधाम यात्रा तथा औद्योगिक गतिविधियों में इजाफे के चलते रनवे विस्तार व टर्मिनल क्षमता बढ़ाने की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। पूर्व में भूमि अधिग्रहण को लेकर मुआवजा, पुनर्वास व पर्यावरणीय स्वीकृतियों जैसे मुद्दों के कारण प्रक्रिया में देरी भी हुई। कई दौर की वार्ता और सर्वे के बाद अब प्रशासन ने इसे निर्णायक मोड़ पर पहुंचाने की तैयारी कर ली है।
पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर जोर
जिलाधिकारी सविन बंसल ने आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरएफसीटीएलएआरआर एक्ट के प्रविधानों के अनुरूप होगी, ताकि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापन का लाभ मिल सके। विशेष मजिस्ट्रेट संबंधित उप जिलाधिकारी, तहसील प्रशासन व अन्य विभागों के साथ समन्वय कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विकास को मिलेगा नया आयाम
एयरपोर्ट विस्तार से न केवल देहरादून बल्कि पूरे उत्तराखंड को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विस्तारित रनवे और आधुनिक सुविधाओं से बड़े विमानों की आवाजाही संभव होगी, जिससे पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए इस कदम को जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में अहम माना जा रहा है। ऐसा इसलिए भी किया गया है कि क्योंकि पहले यह जिम्मेदारी संभाल रहे डोईवाला उप जिलाधिकारी अकसर प्रोटोकाल डयूटी में रहते हैं, जिससे परियोजना में विलंब हो रहा था।
