उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने लंबित मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज होकर देहरादून में मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ग्लोब चौक पर रोका, जिसके बाद वे सड़क पर धरने पर बैठ गए। यूनियन ने रैपिडो सेवाओं पर रोक, ई-ऑटो पंजीकरण पर प्रतिबंध और परमिट दायरे में वृद्धि सहित छह सूत्रीय मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।लंबित मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज दून आटो रिक्शा यूनियन ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ग्लोब चौक पर बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।बेरिकेडिंग पार करने की जिद पर अड़े प्रदर्शनकारियों की पुलिस की तीखी नोकझोंक हुई। जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए। जिसके बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष कुमार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा।मंगलवार को रेसकोर्स में दून आटो रिक्शा यूनियन से जुड़े आटो चालक बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। यहां से सरकार एवं परिवहन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए निकले।प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए ग्लोब चौक पर बेरिकेडिंग लगाने के साथ ही भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई। बेरिकेडिंग पर पहुंचते ही आटो चालकों ने जमकर हंगामा किया। यूनियन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया आटो चालक की सरकार एवं विभाग से छह सूत्रीय मांग हैं।निजी दो पहिया वाहन चालक रैपिडो में संचालित हो रहे हैं। जिससे परमिट पर चल रहे आटो को नुकसान हो रहा है। ई आटो एवं ई रिक्शा का रजिस्ट्रेशन प्रतिबंधित किया जाए। जिनके रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है, उनसे स्थाई निवास प्रमाण पत्र दस्तावेज में शामिल किए जाए।फिटनेस सेंटर 25 किलो मीटर के दायरे में खोलने के साथ ही मैनुअल फिटनेस में छूट दी जाए। परमिट पर चल रहे आटो का दायरा 40 किलो मीटर किया जाए। बताया कि मांगों को गंभीरता से न लेने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।इस मौके पर यूनियन के महामंत्री शशीकांत भट्ट, कोषाध्यक्ष सतपाल, संयुक्त मंत्री गुलगोशन एवं सौरभ कुमार कांगड़ा, अरविंद सिंह, विपिन सेठ, मोनू सिंह, शिव शंकर, सुभाष जदली आदि मौजूद रहे।
