उत्तराखंड डेली न्यूज़:ब्योरो
16 मार्च 2026 को टिहरी जिले के सुनेहड़ी गाड़ गांव में ICFRE (Indian Council of Forestry Research and Education) और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (HNBGU) के संयुक्त तत्वावधान में वनाग्नि एवं उसके प्रभावी प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों, वन पंचायत सदस्यों तथा टिहरी वन विभाग के कर्मचारियों को जंगल की आग की रोकथाम और उसके प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम में ICFRE के वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार वर्मा तथा कृषि एवं संबद्ध विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता (Dean) प्रो. अजीत कुमार नेगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों विशेषज्ञों ने वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं, उनके कारणों और प्रभावी प्रबंधन के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताया। इस दौरान प्रो. अजीत कुमार नेगी ने उपस्थित ग्रामीणों के सभी सवालों और शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें वनाग्नि के कारणों, उससे होने वाले नुकसान तथा उससे बचाव के व्यावहारिक तरीकों के बारे में विस्तार से शिक्षित किया।इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने प्रतिभागियों को वनाग्नि से निपटने के लिए उपयोग में आने वाले आधुनिक एवं अधिक कार्यात्मक उपकरणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने फायर फाइटिंग में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न उपकरणों जैसे फायर रेक्स (Fire Rakes), फायर बीटर्स, फायर फाइटिंग सूट तथा हेलमेट, टॉर्च, बूट्स आदि का प्रदर्शन किया और उनके सही उपयोग की विधि भी समझाई। उन्होंने बताया कि इन आधुनिक उपकरणों के प्रयोग से वनाग्नि पर तेजी से नियंत्रण पाया जा सकता है और नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कार्यक्रम में वानिकी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हिमशिखा गुसाईं, ICFRE के अन्य वैज्ञानिकों व कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण, वन पंचायत के सदस्य तथा टिहरी वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

