उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
अंकिता भंडारी से जुड़े वायरल कथित ऑडियो-वीडियो पर रविदास अखाड़ा खुलकर भाजपा नेता दुष्यंत गौतम के समर्थन में आ गया है। अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री ने चैलेंज दिया कि अगर वो दोषी साबित हुए तो मैं जल समाधि ले लूंगा।अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम के बचाव में रविदासिया समाज खुलकर सामने आ गया है। इस ऑडियो को अंकिता भंडारी हत्याकांड से कथित तौर पर जोड़ा जा रहा है। इस मामले में संत शिरोमणि गुरु रविदास अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा है कि यदि दुष्यंत पर आरोप साबित हुए तो वे जल समाधि को तैयार हैं।रविदासिया धर्म प्रचारक सभा के अध्यक्ष संदीप खत्री ने प्रेसवार्ता में आरोप लगाने वालों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण छवि धूमिल करने का किसी को कोई अधिकार नहीं है। खत्री ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुष्यंत गौतम पर आज तक कोई आरोप नहीं लगे हैं। खत्री ने आरोप लगाया कि राठौर फर्जी तरीके से महामंडलेश्वर बने और अब पूरे समाज को गुमराह कर रहे हैं।आरोप साबित हुए तो जलसमाधि लूंगा,संत शिरोमणि गुरु रविदास अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि यदि दुष्यंत पर लगे आरोप प्रमाणित हुए तो वे जल समाधि लेने को तैयार हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि बिना सबूत किसी पर आरोप लगाना न केवल व्यक्ति, बल्कि पूरे समाज की छवि धूमिल करने का प्रयास है। उन्होंने शासन-प्रशासन से सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
पुलिस का दावा- कोई वीवीआईपी नहीं, निष्पक्ष जांच हुई
इससे पहले हरिद्वार के एसपी देहात और अंकिता भंडारी मामले की जांच से जुड़े एसआईटी सदस्य रहे शेखर सुयाल ने जांच से संबंधित अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों पर इस प्रकरण को लेकर भ्रामक खबरें, अधूरी जानकारी और बेबुनियाद आरोप फैलाए जा रहे हैं, जिनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। शेखर सुयाल ने स्पष्ट किया कि वनंतरा रिसॉर्ट के जिस कमरे को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि उसे साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से तोड़ा गया, उससे जुड़े सभी वीडियो साक्ष्य और महत्वपूर्ण दस्तावेज पहले ही न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं।उन्होंने दो टूक कहा कि पुलिस ने न तो कोई सबूत छिपाया है और न ही नष्ट किया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी व्यक्ति को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया। पूरी जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में रहकर की गई है। उन्होंने बताया कि दो लोगों की कथित बातचीत से जुड़े वायरल ऑडियो को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है।
