उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो

यूकेएसएसएससी पेपर लीक कांड के खिलाफ देहरादून में प्रदर्शन के बीच आजादी के नारे लगाए गए। यह भी कहा जा रहा है कि 2016 में दिल्ली में आखिरी बार यह नारे सुने गए थे। इस घटना को लेकर खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है।उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इन दिनों उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक कांड के खिलाफ बेरोजगार गुस्से में हैं। कई संगठन देहरादून परेड मैदान में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच बुधवार को परेड ग्राउंड में चल रहे बेरोजगारों के धरना प्रदर्शन के दौरान ऐसी घटना घट गई, जिससे खुफिया विभाग अलर्ट हो गया। प्रदर्शन के बीच 2016 में दिल्ली के जेएनयू विवि जैसे ‘आजादी के नारे’ लगाए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।बताया जा रहा है कि धरने में आकर बेरोजगारों को समर्थन देने वाली टिहरी की एक जनप्रतिनिधि ने यह नारे लगाए थे। लेकिन, दावा किया जा रहा है कि उसमें भड़काऊ या कानून विरोधी कुछ भी नही था।
पेपर लीक कांड की जांच CBI से कराने की मांग
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम कंडवाल ने बताया कि उत्तराखंड सरकार जिस पेपर लीक की जांच एसआईटी से करवा रही है, उस परीक्षा को सबसे पहले निरस्त करे। इसके बाद ही निष्पक्ष जांच हो पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी नहीं, बल्कि सीबीआई से इसकी जांच करवाई जाए। क्योंकि, एसआईटी तो सरकार के दबाव में ही काम करेगी।
नकल माफिया को रोकने में भाजपा सरकार नाकाम: प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तराखंड की भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि युवा सरकारी नौकरी के लिए कठिन परिश्रम कर रहे हैं और दूसरी ओर पर्चे आसानी से लीक हो जा रहे हैं। आरोप लगाया कि सरकार नकल माफिया पर रोक नहीं लगा पा रही है। प्रियंका ने कहा कि आज बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या है। पर उत्तराखंड, बिहार, यूपी और मध्य प्रदेश समेत जहां भी भाजपा सत्ता में है, क्या कारण है कि वहां अक्सर पेपर लीक हो जा रहे हैं?
