उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
केदारनाथ धाम की बढ़ती भीड़ को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार यात्रा सुविधाएं बेहतर करने में जुटी है. रोपवे के बाद अब सरकार 7 किलोमीटर लंबी नई सुरंग बनाने की योजना पर काम कर रही है. इससे श्रद्धालुओं की यात्रा आसान, कम समय वाली और पहले से ज्यादा सुरक्षित होने की उम्मीद है.नई दिल्ली. केदारनाथ धाम की बढ़ती भीड़ को देखते हुए केंद्र सरकार यात्रा को आसान, सुरक्षित और कम समय वाला बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है. रोपवे परियोजना के बाद अब सरकार 7 किलोमीटर लंबी नई सुरंग बनाने की योजना पर काम कर रही है. इसका मकसद सड़क संपर्क सुधारना, यात्रा समय घटाना और कठिन हालात में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.चामासी से सोनप्रयाग तक बनेगी नई सुरंग,प्रस्तावित सुरंग उत्तराखंड के कालीमठ घाटी क्षेत्र में चामासी को सोनप्रयाग से जोड़ेगी. सोनप्रयाग वही स्थान है, जहां से आगे केदारनाथ के लिए रोपवे की शुरुआत होगी. यह सुरंग दोहरी ट्यूब (ट्विन ट्यूब) संरचना वाली होगी, जिससे एक ट्यूब मुख्य यातायात के लिए और दूसरी आपात स्थिति में निकासी मार्ग के रूप में काम आ सकेगी. खराब मौसम या किसी संकट के समय यह सुरंग श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित विकल्प बन सकती है.चामासी से सोनप्रयाग तक बनेगी नई सुरंग,प्रस्तावित सुरंग उत्तराखंड के कालीमठ घाटी क्षेत्र में चामासी को सोनप्रयाग से जोड़ेगी. सोनप्रयाग वही स्थान है, जहां से आगे केदारनाथ के लिए रोपवे की शुरुआत होगी. यह सुरंग दोहरी ट्यूब (ट्विन ट्यूब) संरचना वाली होगी, जिससे एक ट्यूब मुख्य यातायात के लिए और दूसरी आपात स्थिति में निकासी मार्ग के रूप में काम आ सकेगी. खराब मौसम या किसी संकट के समय यह सुरंग श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित विकल्प बन सकती है.
