उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो
रुद्रप्रयाग। जनपद के पुलिस बल को शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से तनावमुक्त रखने के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय योग शिविर अपने छठे दिन एक विशेष संदेश के साथ सम्पन्न हुआ। गुलाबराय मैदान में आयोजित इस सत्र में योगाभ्यास के उपरान्त उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशामुक्ति की सामूहिक शपथ ली शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर योग शिविर के छठे दिन के सत्र में पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग श्री प्रबोध कुमार घिल्डियाल सहित कुल 60 अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अनुभवी योग प्रशिक्षक दौलत सिंह और आलोक सिंह रावत ने पुलिस कर्मियों को योग की बारीकियों से अवगत कराया। सत्र की शुरुआत सूर्य नमस्कार से हुई, जिसके बाद सूक्ष्म व्यायाम, ताड़ासन, वृक्षासन और भुजंगासन का विशेष अभ्यास कराया गया। ये आसन पुलिस कर्मियों की शारीरिक क्षमता और लचीलेपन को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।तनाव प्रबंधन के गुर सिखाए ड्यूटी के दौरान होने वाले मानसिक तनाव को कम करने के लिए प्रशिक्षकों ने अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास कराया। प्रशिक्षकों ने बताया कि ये तकनीकें न केवल श्वसन तंत्र को मजबूत करती हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी मन को शांत रखने में मदद करती हैं।
नशामुक्ति की शपथ एक नई पहल शिविर का मुख्य आकर्षण नशामुक्ति की शपथ रही। पुलिस बल ने संकल्प लिया कि वे स्वयं को व्यसनों से दूर रखकर समाज के सामने एक स्वस्थ आदर्श प्रस्तुत करेंगे। पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि एक नशामुक्त और स्वस्थ पुलिसकर्मी ही समाज की सुरक्षा और सेवा बेहतर ढंग से कर सकता है।यह सात दिवसीय शिविर पुलिस बल के बीच अनुशासन, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा के संचार में मील का पत्थर साबित हो रहा है।पुलिस अधीक्षक का संदेश – योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि अनुशासित जीवन जीने की कला है। पुलिस की ड्यूटी चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होती है, ऐसे में योग ही वह माध्यम है जो हमें मानसिक संतुलन प्रदान करता है। साथ ही, नशामुक्ति का संकल्प हमारे चरित्र को और भी सुदृढ़ बनाता है। एक नशामुक्त और शारीरिक रूप से फिट पुलिसकर्मी ही समाज को बेहतर सुरक्षा दे सकता है। हमारा लक्ष्य स्वस्थ पुलिस, सुरक्षित समाज की स्थापना करना है।
