उत्तराखंड डेली न्यूज़ :ब्योरो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के साथ गहरा रिश्ता है और वे हर आपदा में देवभूमि के साथ खड़े रहते हैं। चाहे केदारनाथ का पुनर्निर्माण हो या जोशीमठ-सिलक्यारा जैसे हादसे, उन्होंने हमेशा सीधे हस्तक्षेप कर हर संभव मदद सुनिश्चित की है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के साथ एक गहरा रिश्ता है। इस बात को वे हर बार साबित भी करते हैं। सुख हो या दुख वे हर स्थिति में उत्तराखंड के साथ खड़े रहते हैं। खासतौर पर किसी भी तरह की विपदा की घड़ी में वे आगे आकर देवभूमि की मदद को तत्पर रहते हैं। धराली, थराली से लेकर कई जिलों में आई आपदा में प्रधानमंत्री ने आपदा पीड़ितों के बीच पहुंच कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।न सिर्फ 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद, बल्कि गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए भी मोदी ने हमेशा उत्तराखंड को अपनी प्राथमिकता में रखा। 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद वे सीधे उत्तराखंड पहुंचे थे।केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने इस संकल्प को धरातल में भी उतारा। केदारनाथ धाम मास्टर प्लान के कार्यों का जिम्मा उठाया, सीधे पीएमओ स्तर से नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जा रही है। बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान भी अब उनकी प्राथमिकता में है। रैणी हादसे में भी केंद्र स्तर से पूरी मदद सुनिश्चित कराई। जोशीमठ आपदा के समय भी उन्होंने पल पल की जानकारी लेते हुए हर संभव सहयोग प्रदान किया। सिलक्यारा टनल हादसे में भी मदद में किसी भी तरह की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। ग्राउंड जीरो पर पूरे अमले को झोंक कर रखा। अब जब एकबार फिर उत्तराखंड मानसूनी विपदा में घिरा तो प्रधानमंत्री ने एकबार फिर प्रभावितों के साथ बीच कर पहुंच कर उनका दुख दर्द साझा किया।
