उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो

आज से पचास साल पहले अर्थात 1975 में दुनिया महंगाई के दौर से गुजर रही थी। खुद भारत भी 20 प्रतिशत से ज्यादा की महंगाई दर झेल रहा था। हालांकि, यह ध्यान देने की बात है कि साल 1960 में सोने का भाव प्रति दस ग्राम 111 रुपये के करीब था।आज सोने के भाव 131000 रुपये प्रति 10 ग्राम के भी पार हो गए हैं, लेकिन साल 2000 में इसकी कीमत केवल 4400 रुपये थी। 20 साल पहले भी सोना आम आदमी के लिए महंगा था और आज भी पहुंच से बाहर है। सोने के स्वर्णिम सफर की कहानी…आज से 25 साल पहले दुनिया नई सदी में कदम रख रही थी। आर्थिक उदारीकरण ने दुनिया में शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि सोने या अन्य धातुओं में निवेश को बढ़ाया था। वैसे, सोना तब भी बहुत विश्वसनीय निवेश नहीं था। इंवेस्टिंग डॉट कॉम के मुताबिक 10 ग्राम सोने की कीमत को करीब 3000 रुपये से 4000 रुपये तक पहुंचने में करीब दस साल का समय लग गया था। उन वर्षों में लोग जमीन, जायदाद, घर इत्यादि में निवेश को ठीक मान रहे थे। ऋण की सुविधा भी बढ़ गई थी।
50 साल पहले सोने का भाव
इंवेस्टिंग डॉट कॉम के मुताबिक आज से पचास साल पहले अर्थात 1975 में दुनिया महंगाई के दौर से गुजर रही थी। खुद भारत भी 20 प्रतिशत से ज्यादा की महंगाई दर झेल रहा था। हालांकि, यह ध्यान देने की बात है कि साल 1960 में सोने का भाव प्रति दस ग्राम 111 रुपये के करीब था। उसके बाद के 15 साल में सोने की कीमत पांच गुना तक बढ़ गई थी। तब भी लोग अपनी जरूरत के हिसाब से सोना खरीदते थे। हालांकि, यह अमीर देशों में सुरक्षित निवेश की वस्तु बनने लगा था।
100 साल पहले सोने की स्थिति
आज से सौ साल पहले 1925 में दुनिया की आर्थिक सेहत बहुत अच्छी नहीं थी। दुनिया पहले विश्व युद्ध से निकली थी और भयानक महामारी स्पेनिश फ्लू का असर भी कुछ ही समय पहले समाप्त हुआ था। अत: लोगों के पास ज्यादा पैसे नहीं हुआ करते थे और सोना तब सामान्य रूप से निवेश की वस्तु नहीं था। शादी या अन्य कर्मकांड के समय ही लोग जरूरत के हिसाब से सोना खरीदते थे, अत: उन वर्षों में सोने की कीमत में बहुत धीमी गति से बढ़त हो रही थी।
यह पूरी सदी सोने के नाम
ऐसा लगता है कि यह पूरी सदी सोने के नाम है। सोने की मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि आपूर्ति का संकट भी बढ़ रहा है। नतीजा यह है कि इसी सदी में सोने के भाव में 28 गुना से ज्यादा बढ़त देखी गई है। आज सोने को एक बेहतर निवेश विकल्प माना जा रहा है। दूसरी ओर, बीते 25 वर्ष में चांदी के भाव में 15 गुना से ज्यादा बढ़त देखी गई है। प्रति किलोग्राम चांदी की कीमत 25 साल पहले 8000 रुपये भी नहीं पहुंची थी, पर अब 2 लाख के आंकड़े के करीब बढ़ रही है।
